तरबगंज,गोण्डा।शनिवार को तरबगंज तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुर्सियाँ खाली रही। कुर्सियों पर बैठने वाले अधिकारी नही पहुँचे और फरियादी चारो तरफ घूमते रहे।क्षेत्राधिकारी नें समस्याओ को सुन निराकरण का निर्देश दिया है।
तरबगंज तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया जिसमें उपजिलाधिकारी तरबगंज भरत भार्गव के छुट्टी पर होने के कारण क्षेत्राधिकारी तरबगंज सौरभ वर्मा के साथ तहसीलदार केशव प्रसाद ने समाधान दिवस की शुरुआत की। थोड़ी देर के लिए आई सीडीओ मैम ने समस्याओ को सुना। उनके जाने के बाद एक एक करके सभी आये हुए जिम्मेदार अधिकारी चलते बने। औपचारिकता निभाने के लिए क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा ने सुनवाई शुरू की लेकिन समय से पहले वो भी चले गए बाद में एक दर्जन अधिकारियों के बीच तहसीलदार तरबगंज केशव प्रसाद ने मोर्चा सम्भाला जो दो बजे तक मौजूद रहकर डयूटी निभाई वही सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों के लिए लगाई गई कुर्सियाँ अपने चहेते का इंतजार करती रही लेकिन कोई भी जिम्मेदार बैठने नही आया जिससे लगभग 70%कुर्सियाँ खाली पड़ी रही या यो कहे की चुनाव की शुगबुगाहट से जिम्मेदार अधिकारी फरियादियों की समस्याओ से कतराने लगे। जो पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बना रहा। यही नही साहब 119शिकायते आई लेकिन कोई रिसीव करने वाला न होने से शिकायतों को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया। और फरियादियों को रामभरोषे छोड़ दिया।
सवाल ये है की क्या सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना पहल जो जनता की समस्याओ को घर पर ही समाधान किया जाना चाहिए था। उसके लिए सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस, जनता दर्शन आदि का आयोजन किया जाता है। अब जिम्मेदार ही कन्नी काट रहे है। जिससे फरियादियों की समस्याओ का समाधान कहाँ पर और कैसे होगा। जो बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा है ।

