गोण्डा।कृषक हित और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्रामोदय फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कम कार्यशाला का आयोजन माधव सभागार, जयप्रभाग्राम, गोंडा में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में परसपुर, झंझरी, हलधरमऊ, इटियाथोक, तरबगंज व रूपईडीहा विकास खण्डों से जुड़ी ग्रामोदय फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड की विभिन्न इकाइयों के किसान सदस्य एवं शेयरहोल्डर 75 की संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागी ह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए.जी.एम. (नाबार्ड) पलक प्रियदर्शिनी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कम्पनी को अपने उत्पादों की आकर्षक ब्रांडिंग, बेहतर पैकेजिंग और डिजिटल प्लेटफार्म पर ऑनलाइन मार्केटिंग के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए किसानों को सामूहिक रूप से मजबूत रणनीति बनानी होगी।विशेष अतिथि लीड बैंक मैनेजर विनोद तिवारी ने कम्पनी से जुड़े कृषकों को बैंक ऋण लेने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए उपयोगी जानकारी दिए। उन्होंने एफ.पी.ओ. के सदस्यों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, ऋण योजनाओं एवं वित्तीय प्रबंधन के गुर बताए ताकि कृषि कार्यों में पूंजी की कमी आड़े न आए।सी.बी.बी.ओ. प्रभारी रामकृष्ण तिवारी ने परसपुर, झंझरी, इटियाथोक, तरबगंज, रूपईडीहा एवं हलधरमऊ की छह एफ.पी.ओ. इकाइयों के चेयरमैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं लेखाकारों के साथ बैठक कर प्रत्येक कम्पनी की प्रगति रिपोर्ट, भविष्य की कार्य योजना और किसानों के हित में उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से चर्चा की।कृषि विज्ञान केंद्र, गोंडा के प्रमुख डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में किसानों को कम्पनी के उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, ग्रेडिंग एवं मानकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र सदैव एफ.पी.ओ. को तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करेगा जिससे बाजार में उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. अशीष पाण्डेय ने वैल्यू चेन विकास, प्रसंस्करण और विपणन के विभिन्न चरणों को विस्तारपूर्वक समझाते हुए कहा कि यदि किसान संगठित होकर अपनी फसल को उचित ढंग से प्रसंस्कृत, ब्रांडेड और पैक कर बाजार में बेचेंगे तो उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है।इस अवसर पर डॉ. अंकित तिवारी, डॉ. सुधांशु एवं सी.बी.बी.ओ. से स्नेहा पाण्डेय, पुष्पेन्द्र सिंह राणा तथा नितेश दुबे ने भी किसानों को एफ.पी.ओ. से जुड़े प्रावधानों, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहयोग एवं विपणन रणनीतियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के इंजीनियर मिथिलेश कुमार झा ने कुशलतापूर्वक किया एवं अब तक के कंपनी प्रगति के विषय विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में किसानों ने खुलकर विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाएँ साझा कीं। विशेषज्ञों ने उनकी समस्याओं का समाधान सुझाया तथा भविष्य में बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने हेतु मार्गदर्शन दिया।यह कार्यशाला न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करने में सफल रही बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्रद्धेय नानाजी देशमुख के ग्रामोदय दर्शन को मजबूत आधार देने वाली सिद्ध हुई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने एकमत होकर एफ.पी.ओ. मॉडल को ग्राम विकास व कृषि उन्नति का सशक्त माध्यम बताते हुए इसे गाँव-गाँव तक पहुँचाने का आह्वान किया।

