मुश्ताक अहमद
गोंडा।अफसोस तू रुखसत हुआ माह-ए-मुबारक अलविदा,रो-रो कर दिल ने ये कहा माह-ए-मुबारक अलविदा,मुद्दत से थे हम मुंतजिर शुक्रे खुदा आया तो फिर पर हैप जल्दी माह-ए-मुबारक अलविदा।कारी मोहम्मद आरिफ अलविदा की नमाज के दौरान खुतबे में पढ़ा और अलविदा की फजीलतें बयान की।
मनकापुर में जुमे की नमाज जामा मस्जिद वा मस्जिद दारुस्सलाम सहित ग्रामीण इलाकों में अकीदत वा अहतराम के साथ शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई।इस दौरान मुसलमानो ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के आवाहन पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हाथों में काला पट्टी बाँधकार विरोध दर्ज किया।जनाब आरिफ ने अपनी तकरीर के दौरान कहा कि हजरत सैय्यदना जाबिर रजी अल्लाहू-त-आला अनहू ने हदीस शरीफ में फरमाया है कि मैंने सुना है है कि नबी-ए-करीम ने (स०अ०) ने अपने बंदों से कहा है कि जब माह-ए-रमजान की आखिरी रात आती है तो जमीन व आसमान और मलाइका मेरी उम्मत की मुसीबत को याद करके रोते हैं। बंदों ने पूछा कि या रसूल अल्लाह कौन सी मुसीबत थी तो नबी-ए-करीम ने फरमाया कि रमजानुल मुबारक का रुकसत होना। क्योंकि इसमें सदकात और दुआओं को कुबूल किया जाता है। नेकियों का अज्र व सवाब बढ़ा दिया जाता है और अजाबे दोजख को दूर किया जाता है।
रमजानुल मुबारक की विदाई से बढ़कर मेरी उम्मत के लिए कौन सी मुसीबत हो सकती है।जनाब आरिफ ने कहा कि हदीस-ए-पाक में आया है कि जो शख्स रमजानुल मुबारक के आने की खुशी और जाने का गम करे उसको जन्नत मिलती है।बंदे को अल्लाह-अज्जोअज्जल पर हक है कि उसे जन्नत में दाखिल फरमाए।हदीस-ए-पाक में आया है कि जो बंदा रमजानुल मुबारक में नमाज पढ़े और कुरान की तिलावत करे तो रमजानुल मुबारक में हर जुमा-ए-मुबारक पर दस रकात नमाज पढ़े तो उसे 700 साल की इबादत का सवाब मिलेगा और 700 बरस इस तरह अल्लाहू-त-आला की इबादत की हो वह अल्लाह का सबसे नेक बंदा होगा। हदीस-ए-पाक में आया है कि अल्लाह के नबी (स०अ०) ने फरमाया है कि अल्लाह पाक रमजानुल मुबारक से लेकर अलविदा का दिन आने तक जितने गुनहगार जहन्नमियों को जहन्नम से निकाल कर जन्नत में दाखिल करता है अलविदा की हर घड़ी में अल्लाह पाक जहन्नमियों को जहन्नम से निकालता है और जन्नत में दाखिल करता है।मौलाना अनवार,हाफिज रिजवान,हाफिज शकील,इकरार खान लड्डन,जाहिद रजा,फजलुर्रहमान हाशमी,मो क़ासिम,मो अयाज,अब्दुल गफूर, अली अहमद,अशफाक,नोमान,अर्श,सहित सैकड़ो नमजियों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की।

