इमरान अहमद
मनकापुर।मनकापुर का समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है।क्षेत्र के करीब 50 हजार लोगों की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाला सीएचसी इन दिनों खुद बीमार है।यहां की स्वाथ्य सेवाएं राम भरोसे चल रही हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को रेफरल सिस्टम बना दिया गया है जहां खांसी,बुखार,जुखाम के मरीजों को छोड़कर बाकी अधिकतर लोगों को रेफर कर दिया जाता है।
गोण्डा मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित समुदायिक स्वाथ्य केंद्र अव्यवस्था के कारण अपनी अलग पहचान बना रहा है।कागजों में तो यहां सब कुछ ऑल-इज-वेज है,मगर जमीनी हकीकत इससे उलट है।यहां मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ सुविधाएं और व्यवस्थाएं नादारद हैं।अस्पताल परिसर में दलालों का जमावड़ा लगा रहता है,तो वहीं आए दिन डॉक्टर पर बाहर की दवा वा जांच लिखने के आरोप भी लगते रहते हैं।स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड में फैली गंदगी यहाँ की अव्यवस्था की चीख-चीखकर गवाही दे रहा है।मगर जिम्मेदार लोगों के कानों में जूँ तक ना रेंगती है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था वा लुंज पुंग सिस्टम के चलते मरीज अपना इलाज प्राइवेट अस्पतालों में कराने को मजबूर हैं।इलाज कराने आए जाहिद रजा ने बताया की वह अपने रिश्तेदार को लेकर अस्पताल आए थे तो वहाँ की फैली गंदगी देखकर दंग रह गए,वार्ड के अंदर तक जगह जगह कूड़ा बिखरा पड़ा था,वहीं बबलू ने बताया की वह अपने परिचित का इलाज कराने आए थे जहाँ डॉक्टरों ने बाहर की दवा लिखी है वही लाने जा रहे हैं।वहीं दूसरी तरफ समुदायिक स्वाथ्य केंद्र परिसर को अस्पताल कर्मियों ने साईकिल स्टैंड बना रखा है,अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ियों की वजह से मरीजों वा तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।कई बार तो गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी रूम तक ले जाते,लाते वक्त रास्ते में खड़ी गाड़ियां हटानी पड़ती है।मरीजों को स्ट्रेचर से ले जाते समय भी खतरा बना रहता है।यह हाल वहाँ का है जहाँ गोण्डा के सांसद वा केंद्रिय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिँह उर्फ़ राजा भैया का गृह क्षेत्र है।राजा भैया के केंद्रीय राज्य मंत्री बनने के बाद मनकापुर वासियो को लगा था कि कम से कम बदहाल पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल तो बेहाल हो जाएगा मगर कई माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

