अयोध्या।मौनी अमावस्या पर्व पर रामनगरी के प्रथम प्रवेश द्वार कहा जाने वाला पौराणिक स्थल श्रृंगीऋषि आश्रम पर हजारो श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। और सन्निकट पुण्य सलिला सरयू नदी में डुबकी लगाई।स्नान ध्यान के बाद आश्रम के मन्दिरों पर दर्शन पूजन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओ ने नदी के तट पर हवन पूजन के साथ सत्यनारायण भगवान की कथा भी सुनी।बता दें कि इस स्थल का सम्बन्ध रामायण काल से है।
यंहा अम्बेडकरनगर सुल्तानपुर आदि जनपदों से लोग स्नान के लिए आते है। और तट पर स्थित श्रृंगीऋषि व शांता माता के साथ मौजूद मन्दिरों में माथा टक्कर सुख समृद्धि की कामना करते है। श्रृंगीऋषि आश्रम स्थित रामजानकी मन्दिर के महंत बाबा जगदीश दास ने बताया कि अयोध्या के चक्रवर्ती नरेश राजा दशरथ ने श्रृंगीऋषि के आचार्यत्व में पुत्रेष्ठी यज्ञ करवाया था।जिससे उन्हें चार पुत्ररत्न प्राप्त हुए थे।वैसे तो मौनी अमावस्या मुख्यता प्रयागराज के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।आज के दिन जहां करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज में स्नान कर रहे हैं तो वहीं पौराणिक स्थल श्रृंगीऋषि आश्रम पहुंचे हजारो श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही सरयू स्नान ध्यान कर पूजा पाठ कर रहे हैं। शास्त्रों में माना गया है कि मौनी अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है,साथ ही जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रृंगीऋषि आश्रम के पुजारी महेंद्र गोस्वामी ने बताया कि इस स्थान पर आकर जो भी सच्चे मन से माथा टेकता है बाबा उसकी हर कामना पूरी करते है। मेले की ब्यवस्था में सीओ सदर योगेन्द्र कुमार,एसएचओ परसुराम ओझा,एसआई उपेंद्र सिंह, राजकुमार, कमलेश कुमार, जितेंद्र, आरक्षी अनुराग, जगत यादव, चंदन यादव, आदि के साथ काफी संख्या में पुलिस के जवान डटे रहे।

