गोंडा।न्यायालय के समक्ष सभी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।यदि कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है और वह न्यायालय में पैरवी करने के लिए अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं है,ऐसे सभी पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है।सामान्य नागरिकों की तरह बंदियों के भी अपने कुछ मूलभूत अधिकार हैं,जिससे उन्हें किसी भी दशा में वंचित नहीं किया जा सकता है।यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अधिवक्ता परिषद के संयुक्त तत्वावधान में मंडलीय कारागार में आयोजित विधिक जागरुकता शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अपर जिला जज व विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने कही।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व माँ भारती को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता अधिवक्ता परिषद अवध प्रान्त की महामंत्री मीनाक्षी सिंह परिहार ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ता परिषद संकल्पित है।प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि यदि किसी को भी कोई भी विधिक जानकारी या सहायता चाहिए तो वो अधिवक्ता परिषद या विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद ले सकता है।अतिथियों का स्वागत व कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष धन लाल तिवारी ने किया।कार्यक्रम को चीफ डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार सिंह,डिप्टी जेलर सुरेश सिंह व असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल बृजलाल तिवारी ने भी संबोधित किया। संचालन महामंत्री जय प्रकाश सिंह ने किया।इस अवसर पर डिप्टी जेलर शैलेंद्र वर्मा,रंजना शुक्ला,डिप्टी डिफेंस काउंसिल अनिमेष चतुर्वेदी,प्रभात श्रीवास्तव,आदित्य द्विवेदी सहित कारागार के अधिकारी व कर्मचारी एवं बंदी उपस्थित रहे।

