नवाबगंज,गोंडा।सातवीं मोहर्रम पर अजादारों ने अलम का जुलूस निकाले और हजरत कासिम की शहादत का नम आंखों से गम मनाया। जुलूस मे अनेकों अंजुमन, दर्जनो अलम, ढोल, ताशो के साथ अजादार शामिल हुए। जुलूस अपने मुख्य स्थान से निकल कर दर्जनो अलम स्थापित स्थानों को सलामी देते हुए झील रोड पर समाप्त हुआ।

पैगंबर -ए-इस्लाम के नवासे इमाम हसन के लख्तेजिगर हज़रत कासिम की शहादत की याद में सातवीं मोहर्रम को मनाया। इसी दिन से जालिम हुक्मराह यजीदियों ने इमाम हुसैन के कुनबे पर जुल्म ज्यादाती को बढ़ा दिया था। कर्बला के मैदान मे यजीद की फौज ने सात मुहर्रम को मौला हुसैन के कुनबे का पानी बन्द कर दिया था। मौला हसन के बेटे हजरत कासिम को शहीद करके उनकी लाश को घोडों की टापों से पामाल (कुचल) दिया गया था। इसकी शहादत को याद कर अजादार मौला हुसैन के गम मे डूबे रहे। जुलूस के दौरान अकीदतमंदो ने शर्बतों का सबील लगाया। या हुसैन की सदाओं के साथ सातवी मोहर्रम का जुलूस सम्पन्न हुआ। इस मौके पर नगर पालिकाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, कमेटी अध्यक्ष मुजीब एडवोकेट, शाबान अली हनफी, उस्मान राईन, मुफीद खान, हामिद अली, अल्ताफ हुसैन, निसार मंसूरी, अमानत अंसारी समेत तमाम अकीदतमंदों का हुजूम शामिल रहा। सुरक्षा के लिए कोतवाल मनोज कुमार राय, कस्बा चौकी इंचार्ज मनीष कुमार अपने दलबल के साथ मौजूद रहे।

