डिप्टी सीएम के जांच आदेश के बाद,स्थानीय सपा नेता ने उठाये जिला अस्पताल को लेकर उठाये गंभीर सवाल
यू.पी. लाइव टाइम-अतीक़ राईन
गोण्डा।स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज गोण्डा में मरीजों के बेड के पास चूहों की चहलकदमी का हाल ही में वायरल वीडियो को प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने गंभीरता से लेते हुए मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। कमेटी गठित कर के एक सप्ताह में जाँच पूरी करके रिपोर्ट मांगी हैं।डिप्टी सीएम ने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने पर जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वही जनपद के सपा नेता मसूद आलम खान ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस कार्रवाई को “सिर्फ दिखावा” बताया हैं।और उन्होंने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है।

मसूद आलम खान ने कहा कि “सिर्फ चूहों की जांच से अस्पताल की हालत नहीं सुधरेगी, क्योंकि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को ही चूहों ने कुतर दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सही इलाज और समय पर सुविधाएं न मिलने के कारण गरीब मरीज जिला अस्पताल गोण्डा में अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बावजूद यहाँ की स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें अक्सर खराब रहती हैं। ट्रॉमा सेंटर की कोई प्रभावी सुविधा उपलब्ध नहीं है। हार्ट स्पेशलिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है।

सपा नेता ने आरोप लगाया कि अब तक जितनी भी जांचें हुई हैं, उनका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने कहा,“अगर वास्तव में जांच करनी है तो यह देखा जाए कि मरीजों को सही इलाज, अच्छी दवाएं और उचित देखरेख मिल रही है या नहीं।” जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मसूद आलम खान ने कहा कि “जिस दिन मंत्री या बड़े अधिकारी आते हैं,उस दिन अस्पताल चकाचक कर दिया जाता है। मरीजों को पहले से निर्देश दिए जाते हैं कि इलाज की तारीफ करनी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर केवल अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया तो पैसे लेकर क्लीन चिट देने और झूठी प्रशंसा वाली रिपोर्ट तैयार करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अंत में उन्होंने कहा कि “यही आज की सच्चाई है। पूरे जनपद गोण्डा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और इसका खामियाजा आम नागरिक भुगत रहा है।” अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या वास्तव में जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज गोण्डा की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कार्रवाई होगी।

