इमरान अहमद
गोण्डा।जनपद के तेज तर्रार व निष्पक्ष मानें जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार ए आर उस्मानी का सोमवार तड़के लखनऊ के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया।जहाँ उनके शव को उनके पैतृक गाँव काजीदेवर लाया गया।उनके निधन से पत्रकार समाज काफी मर्माहत है।बता दें ए आर उस्मानी पिछले कुछ महीनों से गंभीर बिमारी से जूझ रहे थे।जहाँ आज उनका निधन हो गया।
ए आर उस्मानी जनपद के माने जाने पत्रकारों में से एक थे।उन्होंने लंबे पत्रकारिता जीवन में कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों में सेवाएं दीं।उन्होंने समाचार को सिर्फ सूचना नहीं,
बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम माना।वह हमेशा सच्चाई के पक्ष में खड़े रहते थे।सत्ता और व्यवस्था से सवाल पूछना तथा आम जन की आवाज़ को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता की पहचान रही।निष्पक्ष और सरोकार की पत्रकारिता ने उन्हें अलग ही प्रसिद्धि दी।हर किसी की जुबान पर उनके तेवर की चर्चा होती थी।
उनकी निष्पक्ष लेखनी व शब्दों की भाषा ऐसी होती थी की राजनीतिक खेमों में अच्छे-अच्छे स्थापित राजनीतिज्ञ घबराया करते थे।उनकी लेखनी से बड़े-बडे नौकरशाह सहमा करते थे।उन्होंने ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से विशुद्ध पत्रकारिता को जिया।उन्होंने अपनी कलम में ताकत की वो स्याही भरी,जो अच्छे-अच्छों के दांत खट्टे कर देते थे।उनके समाचार लेखन के एक-एक शब्द में ऐसी ताकत होती थी कि सत्ता और शक्ति के बड़े दुर्गों को भी हिलाकर रख देती थी।
उन्होंने जनपद ही नहीं देवीपाटन मण्डल में निष्पक्ष पत्रकारिता को जीवित रखा।इस दौरान उनकी खोजपरक और आक्रामक शैली सदा चर्चाओं में रही।
उनके निधन के बाद पत्रकार साथियों ने उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में याद किया,जिन्होंने नई पीढ़ी को पत्रकारिता के मूल्यों से परिचित कराया।उनका सादा जीवन,स्पष्ट विचार और निर्भीक लेखनी हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।उनके निधन पर हर समाज दुःख व्यक्त कर रहा है।अखिल भारतीय पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष रईस अहमद ने उनके निधन पर कहा की ए आर उस्मानी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ थे,जिनके जाने से एक खालीपन पैदा हो गया है,जिसकी भरपाई आसान नहीं है।
वहीं सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।फेसबुक,व्हाट्सएप और एक्स जैसे मंचों पर उनके साथियों और शिष्यों व उनके चाहने वालों ने पुरानी तस्वीरें और संस्मरण साझा कर उन्हें याद किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि उस्मानी सर का योगदान गोण्डा की पत्रकारिता के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

