मुश्ताक अहमद
गोंडा।विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआइआर) के तहत सबसे ज्यादा एक लाख वोटरों के नाम गोंडा सदर विधानसभा क्षेत्र में कटेंगे।
एसआइआर से पहले जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 25.52 लाख थी, जो अब घटकर 20.82 लाख हो जाएगी। मतदाता सूची के ड्राफ्ट का प्रकाशन 31 दिसंबर को होगा।
जिले में एसआइआर के तहत 81.60 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र का डिजिटाइजेशन हुआ है, इनमें से 6.07 प्रतिशत प्रपत्रों की मैपिंग वेबसाइट पर नहीं हो सकी है। सबसे ज्यादा नो मैपिंग वाले मतदाता तरबगंज व सबसे कम गौरा विधानसभा क्षेत्र में है।
जबकि 18.40 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र का संग्रहण नहीं किया जा सकता है,इनमें मृतक,दूसरे जगह चले जाने वाले, एक से कई स्थानों पर दर्ज मतदाता शामिल हैं।
इन मतदाताओं का नाम सूची से हटाने की कार्यवाही चल रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि एसआइआर का कार्य पूरा हो गया है। 31 दिसंबर को ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा, इसके बाद दावा, आपत्तियां ली जाएंगी।
एसआइआर का गणित
लोकसभा क्षेत्र-02
विधानसभा क्षेत्र-07
एसआइआर के पहले मतदाता-2552007
मृतक-105356
विस्थापित-193346
लापता-106684
डुप्लीकेट-48770
अन्य-15460
हटे मतदाता-469646
अवशेष मतदाता-2082369
इन विधानसभा क्षेत्रों में घटेंगे
विधानसभा-संख्या
मेहनौन-63000
गोंडा सदर-100562
कटराबाजार-61439
कर्नलगंज-56629
तरबगंज-61819
मनकापुर-63114
गौरा-63074
योग-469637
1.54 लाख मतदाताओं को भेजी जाएगी नोटिस
जिले में एसआइआर के तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण न देने वाले एक लाख 54 हजार 859 मतदाताओं को प्रशासन नोटिस जारी करेगा। इन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र में स्वयं या अपने सगे संबंधी के वर्ष 2003 के एसआइआर का विवरण नहीं भरा है।
नो मैपिंग वाले सबसे ज्यादा मतदाता तरबगंज व सबसे कम गौरा विधानसभा क्षेत्र में हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मेहनौन में 18 हजार 188, गोंडा सदर में 29 हजार 683, कटराबाजार में 23 हजार 289, कर्नलगंज में 26 हजार 703, तरबगंज में 31 हजार 339, मनकापुर में 14 हजार 693 व गौरा विधानसभा क्षेत्र में दस हजार 964 नो मैपिंग वाले मतदाता हैं।

