इमरान अहमद
ज़मीनो ज़मां तुम्हारे लिये! मकीनो मकां तुम्हारे लिये! चुनीनो चुनां तुम्हारे लिये! बने दो जहां तुम्हारे लिये! दहन में ज़बां तुम्हारे लिये!
या रसूल अल्लाह ﷺ….बदन में है जान तुम्हारे लिये! हम आए यहां तुम्हारे लिये! उठें भी वहां तुम्हारे लिये…… कुछ इस अंदाज में मनकापुर के मुस्लिम नौजवानों ने अपने आका प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अपनी मुहब्बत का इजहार किया।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के दर्जनों नौजवान,बुजुर्ग व बच्चों ने अपने हाथों में I LOVE MUHAMMAD लिखे बैनर उठाकर इस्लाम के आख़री पैग़म्बर हजरत मुहम्मद ﷺ के प्रति सम्मान व अपने मुहब्बत का इजहार जताया।साथ ही कहा की I LOVE MOHAMMAD कहना जुर्म नही है।अगर है तो इसकी हर सजा मुझे मंजूर है।

अब जानते हैं क्या है मामला?
आपको बताते चलें की 4 सितंबर को कानपुर के सैयद नगर रावतपुर में बारावफात के मौके मुस्लिम समुदाय के लोगों ने “I LOVE MUHAMMAD” का बैनर लगाया गया था।जिसपर हिंदुत्व संगठनों के लोगों ने इसे नई परम्परा बताते हुए विरोध दर्ज कराया,जिसके बाद पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 8 नामजद व 15 अज्ञात युवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। महज “आई लव मोहम्मद” का बैनर लगाने से मुस्लिम समुदाय पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद देश भर के औलमा व मुस्लिम समुदाय में रोष व्याप्त हो गया।लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
बरेली से जारी हुआ फरमान
इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित दरगाह आला हजरत ने भी कड़ा फरमान जारी किया।जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने कहा कि युवाओं पर दर्ज एफआईआर भारतीय संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन है.उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,अनुच्छेद 25 के तहत धर्म के पालन की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित है।भारत का संविधान लोगों को मुहब्बत का इजहार करने का पूरा अधिकार देता है।
AIMIM प्रमुख ने क्या कहा
हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी कानपुर पुलिस उपायुक्त को टैग करते हुए लिखा कि आई लव मुहम्मद कहना या लिखना जुर्म नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर ये जुर्म है तो इसकी हर सजा मंजूर है।ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “तुम पर मैं लाख जान से कुर्बान या रसूल… बर आएं मेरे दिल के भी अरमान या रसूल, क्यों दिल से मैं फिदा न करूं जान या रसूल… रहते हैं इस में आप के अरमान या- रसूल”
पुलिस ने दी सफाई
मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने अब सफाई पेश की है।पुलिस ने साफ किया है कि एफआईआर बैनर पर लिखे शब्दों की वजह से नहीं दर्ज हुई है,बल्कि यह मामला परंपरागत स्थान से हटकर नई जगह पर टेंट लगाने और जुलूस के दौरान दूसरे पक्ष द्वारा बैनर फाड़ने को लेकर दर्ज किया गया है।पुलिस का कहना है कि जांच सीसीटीवी फुटेज और मौके की स्थिति के आधार पर हुई है,वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस विवाद को धार्मिक रंग न दिया जाए और किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलाई जाए।

