मुश्ताक अहमद
गोंडा।तमाम दलीलों व सरकारी सिकंजों के बावजूद धोखा धड़ी जैसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। जिले में आज एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ एक बूढ़ी माँ ने अपने बेटे और बहू पर कूट रचित तरीके से जमीन हथिया लेने का आरोप लगाया है। न्यायालय से लेकर जिले के उच्च अधिकारियोॆ से न्याय की गुहार लगाती फिर रही है। न्याय न मिलने पर पीडि़ता मां ने धरने की चेतावनी दी है।

मामला वजीरगंज थाना क्षेत्र के छोटा दरवाजा गांव का है। यहां की निवासिनी आशिया ने पुलिस अधीक्षक गोंडा को दिए गए शिकायती पत्र में लिखा है कि वर्ष 2020 में मेरे पति मोहम्मद शमी उर्फ छेदी लकवा बीमारी की चपेट में आ गए थे। मेरे दूसरे नंबर के बेटे मोहम्मद अहमद और बहू रिजवाना ने मिलकर मेरे पति का दिनांक 15 फरवरी 2022 को हस्ताक्षर करा लिया और कूट रचित तरीके से चल और अचल संपत्ति की वसीयत करा ली। और दिनांक 16 फरवरी 2022 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ठीक उसके कुछ दिन पहले मेरे बेटे व बहू ने मुझे घर निकल जाने को कहा। मेरे द्वारा विरोध करने पर जान से मार देने की धमकी भी दी। मेरी आवाज सुनकर अगल-बगल के लोगों ने बीच-बचाव कराया जिससे मामला थम गया ।

बूढी माँ को घर से निकालने आये थे कई लोग
आरोपी रिजवाना की बूढी सास और मोहम्मद अहमद की माँ आशिया ने मीडिया के सामने रो-रो कर बेटे और बहू के द्वारा दिये गये जखमों के बारे बताते हुए कहा कि आज मै घर पर बैठी थी कि अचानक बेटे और बहू के साथ कई लोग घर में घुस आये। और हाथ पकड़ कर खींचते हुए बाहर निकाल जाने को कहा। घर न खाली करने पर मारने की धमकी देते हुए चले गये। मै रोती चिल्लाती रही किसी ने एक भी नही सुनी अब मै कहाँ जाऊँ।
बूढ़ी मां को घर से निकालना पड़ेगा भारी
नई दिल्ली के एक अखबार ने माता-पिता को घर से निकाले जाने की बढ़ रही घटनाओ को लेकर हाई कोर्ट के फैसले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक अब उन लोगों को माता पिता के घर सम्पत्ति मे अधिकार नही मिलेगा जो लोग अपने माता पिता को घर से निकाल जबरन सम्पत्ति हड़प लेना चाहते है। अब बेटा सिर्फ अभिभावक की दयापर ही मकान मे रह सकता है।

