पश्चिमी चंपारण। जिला के बगहा नगर परिषद क्षेत्र के शास्त्री नगर चौक पर पंचम राज्य वित्त आयोग योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में नगर परिषद बगहा द्वारा आमजन की सुविधा के लिए 6 सीट वाला शौचालय, 3 सीट मूत्रालय और एक स्नानघर का निर्माण कराया गया था। इस कार्य पर 74,500 रुपये खर्च हुए थे। उद्देश्य था कि शहर वासियों और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुलभ सुविधा मिल सके। निर्माण के बाद इसकी देखरेख के लिए नगर परिषद ने एक केयरटेकर भी नियुक्त किया, जिसका नाम राहुल कुमार दीवाल पर लिखा है। साथ ही मोबाइल नंबर भी अंकित था, लेकिन अब उस नंबर के कुछ अंक हटा दिए गए हैं। इस कारण किसी के लिए भी उनसे संपर्क कर समस्या बताना या शिकायत दर्ज कराना संभव नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती दिनों में यह सुविधा भवन उपयोगी रहा, लेकिन अब स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

शौचालय के दरवाजों के ताले टूट गए हैं, कई सीटें जाम हैं और पानी की व्यवस्था भी सही नहीं है। सफाई के अभाव में फर्श पर गंदगी फैली रहती है। मूत्रालय में बदबू इतनी है कि लोग वहां से गुजरने में भी परहेज करते हैं। वहीं स्नानघर का भी स्थिति दयनीय है। शहर के इस भीड़भाड़ वाले चौराहे पर रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। ऐसे में यहां सार्वजनिक सुविधा का इस तरह बेकार हो जाना लोगों के लिए बड़ी समस्या है। नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद करोड़ों रुपये अलग-अलग योजनाओं पर खर्च करती है, लेकिन बने हुए ढांचों के रखर खाव पर कोई ध्यान नहीं देती। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि केयरटेकर का अधूरा मोबाइल नंबर जिम्मेदार व्यक्ति से संपर्क का रास्ता बंद कर देता है। इससे शिकायत और सुझाव सीधे संबंधित तक पहुंच ही नहीं पाते। इस संबंध में नगर परिषद बगहा के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने बताया कि शहर में जगह-जगह बने बंद और अनुपयोगी शौचालयों को चालू करने के लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सुविधा भवनों को मरम्मत कर फिर से उपयोगी बना दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन अपने वादे को जल्द पूरा करेगा, ताकि शास्त्री नगर चौक सहित पूरे शहर में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधर सके और यह सुविधा अपने असली उद्देश्य को पूरा कर सके, न कि सिर्फ नाम मात्र के लिए मौजूद रहे।

