इमरान अहमद
मनकापुर।मंगलवार को मनकापुर के मदरसा दारुल उलूम कादरिया जामा मस्जिद में तालीमी बेदारी कान्फ्रेन्स व ज़स्ने दस्तार बंदी हिफ्ज कुरान का आयोजन किया गया,जिसमें मदरसे के बच्चों ने माँ-बाप व देश भक्ति के अनेकों कार्यक्रम प्रस्तुत किए।वार्षिक उत्सव के बाद जलसे का आयोजन किया गया जिसमें महाराष्ट्र से तालीम लेने आए मो नौशाद व बहराईच के उस्मान खान को मुख्य अतिथि जमाल मीना शाह ने दोनों के सर पर दस्तार का सेहरा बाँधा।

जमाल मीना शाह ने बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनयावी तालीम का भी महत्व समझाया।जलसे में जमाल मनकापुरी ने “मरहबा सल्ले अला” नात पढ़कर महफ़िल में शमा बाँधा।वहीं कारी निसार व मौलाना मुकीन मुसाहीदी ने तालीम के प्रति लोगों को जागरुक किया।जलसे में मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए डाक्टर रुहुल अमीन ने इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण किताब कुरान की अज़मत व फ़ज़ीलत के बारे में बाताया।

उन्होनें अपनी तकरीर में कहा की कुरान दुनिया की वह इकलौती किताब है जिसे किसी इंसान ने नहीं लिखी बल्कि खुदा ने अपने बंदों पर नाजिल फ़रमाया।इस किताब को दुनिया से मिटाने की लाख कोशिशें की जा रही हैं,लेकिन दुनिया में यह किताब और भी चमक रहा है।कुरान में आपको हर चीज़ का इल्म मिलेगा।

दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक आज कुरान पढ़कर नई-नई खोज कर रहें हैं।उन्होनें आगे कहा की कुरान शांति व अमन का पैगाम देती है,कुरान इल्म का समंदर है यही वजह है की दुनिया भर में आज सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली किताब कुरान है।

जलसे से पूर्व वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम रखा गया,जिसमें इनायत फातिमा,जिया खान,आयत,आबिदा फातिमा,खुशबू,जैनब,हिदायत नूर सहित दर्जनों बच्चों को मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस मौके पर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुनव्वर खान,सेक्रेटरी तन्वीर खान “सोनु”,मास्टर रमज़ान,शमशेर खान “डंपी”,निसार,डा शमसुददीन,सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


