1646•98 करोड़ की लागत से बनेगा रिंग रोड जाम के झाम से मिलेगी निजात
मुश्ताक अहमद
गोंडा।जनपद में यातायात की दबाव को कम करने और शहर को जाम के झाम से निजात दिलाने की दिशा में पश्चिमी रिंग रोड निर्माण का रास्ता साफ होने लगा है। प्रस्तावित पश्चिमी रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रशासन ने दावे-आपत्तियों के निस्तारण और मुआवजा निर्धारण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। राजस्व विभाग को अधिग्रहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी रिंग रोड को कटरा घाट होते हुए गोंडा-लखनऊ मार्ग पर हरिहरपुर स्थित आईटीसी चौराहा सागर से जोड़ा जाएगा। यह मार्ग आगे बहराइच रोड पर रूद्रपुर बिसेन होते हुए बलरामपुर मार्ग पर दत्तनगर के पास जाकर जुड़ेगा। करीब 20.57 किलोमीटर लंबी फोरलेन पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 1646.98 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग विंग द्वारा सड़क का चिन्हांकन भी पूरा कर लिया गया है।
25 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
अधिकारियों के अनुसार सदर तहसील के 23 और करनैलगंज तहसील के दो गांवों सहित कुल 25 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें सदर तहसील के इंद्रापुर, भदुवा तरहर, पूरे ललक, दुल्लापुर खालसा, सिसवां, पंडरीशंकर, इमरती बिसेन, रूद्रपुर बिसेन, केशवपुर पहड़वा, पथवलिया, पूरे हेमराज, कलंदरपुर चौबे, करनापुर, माधवपुर चौबे, कपूरपुर, पूरे शिवख्तावर, झंझरी, बनवरिया, उम्मेदजोत, दत्तनगर बिसेन, कटरा घाट, हरिहरपुर, पंडरीकृपाल तथा करनैलगंज तहसील के चांदपुर और दुल्लापुर तरहर शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण पर 353.97 करोड़ खर्च
परियोजना के तहत 353.97 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे। वहीं फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग के सिविल निर्माण कार्यों पर 875.92 करोड़ रुपये, जबकि अन्य मदों में 10.28 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अर्जित की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के बाद आपत्तियां आमंत्रित कर नियमानुसार मुआवजा तय किया जाएगा।
पुल,अंडरपास और आरओबी भी बनेंगे
पश्चिमी रिंग रोड पर यातायात को सुगम बनाने के लिए पांच छोटे और दो बड़े पुल, 14 अंडरपास, बस शेल्टर, नदी-नालों पर 61 कलवर्ट तथा तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें गोंडा-लखनऊ रेलखंड पर एक और गोंडा-बहराइच रेलखंड पर दो रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा टेढ़ी नदी और लखनऊ हाईवे को पार करने के लिए बड़े पुलों का भी निर्माण किया जाएगा।
शहर को जाम से मिलेगी राहत
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। पश्चिमी रिंग रोड के बन जाने से लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर और अयोध्या की ओर से आने-जाने वाले भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना बाहर से ही निकल सकेंगे। इससे सर्कुलर रोड, स्टेशन रोड और बहराइच रोड सहित प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।
सिटी मजिस्ट्रेट एवं भूमि अध्याप्ति अधिकारी पंकज शर्मा ने बताया कि पश्चिमी बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है। तय समयसीमा में दावे-आपत्तियों का निस्तारण कर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह परियोजना गोंडा शहर के समग्र यातायात सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

