उतरौला,बलरामपुर।नगर के ऐतिहासिक बाबा श्री दुःखहरण नाथ मंदिर प्रांगण में दस दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ प्रथम दिवस वैदिक मंत्रोच्चारों एवं वेदी पूजन के साथ हुआ। कथा के प्रारंभ में कथाव्यास पंडित श्री बृजलाल मिश्रा जी महाराज ने वैदिक विधियों से वेदी पूजन कर मंत्रों के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया।
उन्होंने अपने प्रवचन में सनातन धर्म में वैदिक मंत्रों की शक्ति, वैज्ञानिकता एवं आध्यात्मिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए श्रद्धालुजनों को मंत्रों के उच्चारण की महिमा से अवगत कराया। पंडित जी ने कहा कि मंत्र केवल ध्वनि नहीं,बल्कि आत्मा और परमात्मा के मध्य सेतु का कार्य करते हैं।
कथा के शुभारंभ अवसर पर मंदिर महंथ मयंक गिरि जी, मुख्य यजमान एवं उत्तराधिकारी त्रिपुरारी गिरि ‘शानू’,पुजारी अरुण गिरि,अमन गिरि,संतोष गिरि,पुरोहित नितिन झा,तथा आयोजन व्यवस्थापक मोनू गुप्ता एवं अर्पित गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त समिति सदस्य राहुल,सर्वेश,शिवम,अरुण,सुरेश,अंकुर गुप्ता,अमित सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु श्रोतागण उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा श्रवण किया।
यह धार्मिक आयोजन आगामी दस दिनों तक प्रतिदिन कथा,भजन एवं सत्संग के माध्यम से जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा।आयोजन समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।

