उतरौला।सोमवार और मंगलवार की मध्य रात 25 मोहर्रम 1447 हिजरी 21 जुलाई को शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक कदीमी शब्बेदारी का आयोजन पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ किया गया।यह शब्बेदारी मरहूम सैय्यद आफताब हुसैन रिज़वी की स्मृति में रखी गई जिसकी शुरुआत रात 8 बजकर 30 मिनट पर शबीहे ताबूत बीमार-ए-कर्बला की बरामदगी के साथ हुई कार्यक्रम का संचालन और खिताबत प्रसिद्ध नौहे खां अमीर हसन आमिर द्वारा किया गया,जिन्होंने अपने भावपूर्ण अंदाज में कर्बला की यादें ताजा करते हुए इमाम हुसैन की कुर्बानी और इंसानियत की सीख पर रोशनी डाली कार्यक्रम में नगर और आसपास की अनेक अंजुमनों ने भाग लिया।जिन्होंने नौहा मर्सिया और मातम के माध्यम से ग़म-ए-हुसैन को ज़िंदा किया हजारों की संख्या में शोकमंद लोग शब्बेदारी में शामिल हुए और पूरी रात इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों को याद करते रहे।

अमीर हसन आमिर ने बताया कि इस मौके पर उस मुकद्दस मिट्टी की ज़ियारत कराई गई जहां कर्बला के चौथे इमाम इमाम ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सलाम ने चालीस वर्षों तक ग़म-ए-हुसैन में गिरिया किया था यह मिट्टी लोगों के लिए तबर्रुक बनी और श्रद्धालुओं ने बड़ी अकीदत से उसकी ज़ियारत की कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और मर्यादित वातावरण में संपन्न हुआ जो देर रात लगभग चार बजे तक चला अंत में फातेहा और दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ जिसमें अमन चैन भाईचारे और इंसानियत की कामयाबी के लिए दुआएं मांगी गईं।

