गोण्डा।प्रदेश सरकार के स्कूल बंद करने का जो निर्णय है उसका मुख्य कारण यह है कि बच्चों को अशिक्षित किया जाए,ताकि वह अपने हक व अधिकार क़ो ना समझ सकें।जिससे वह सरकार से सवाल ना कर पाएँ,इसलिए प्रदेश में लगभग पचास हजार प्राथमिक विद्यालय को बंद किया जा रहा है।यह बातें राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी मसूद आलम खान ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल तिवारी से उनके कार्यालय में मिलने के बाद कही। मसूद आलम ने BSA से मिलकर अनुरोध किया कि जनपद गोण्डा में कोई भी प्राथमिक विद्यालय क़ो बंद ना किया जाए। विद्यालय बंद होने से छात्रों का भविष्य खराब होगा।मसूद खान ने जिला बेसिक शिक्षक अधिकारी को एक पत्र भी सौंपा है।जिसमें कहा गया है क़ी प्राथमिक विद्यालय मैजापुर हाता मुख्तारंज को ना बंद किया जाए,अगर उसे बंद किया जाता है तो दूसरा प्राथमिक विद्यालय 2 किलोमीटर दूर पर है जहां पर बच्चे पढ़ने नहीं पहुंच पाएंगे और उनका भविष्य अंधकार में डूब जाएगा।

मसूद आलम खान बताया कि प्राथमिक विद्यालय मैजापुर हाता 2005 में स्वीकृत हुआ था सरकारी जमीन न उपलब्ध होने के कारण मैने अपने भूमि धरी खाता संख्या से जो की सड़क के तिराहे पर स्थित है,वह स्कूल बनाने के लिए दान दिया जिसकी कीमत आज लगभग 25 लख रुपए है।
मसूद आलम ने बताया क़ी अगर ऐसी स्थिति में स्कूल को बंद करने की प्रक्रिया की जाती है तो मैं माननीय हाई कोर्ट क़ी तरफ रूख करूंगा।

