नवाबगंज,गोंडा।गोला बाजार नवाबगंज में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक राधेश्याम शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के अद्भुत लीलाओं का वर्णन किया। इस अवसर कालीकुंड मंदिर से भगवान श्री कृष्ण की भव्य बारात निकाली गई,जिसमें हजारों की संख्या में भक्तगण शामिल हुए। यह अनुपम नजारा देखने के लिए दूर-दूर से लोग उमड़ पड़े और पूरा क्षेत्र कृष्णमय हो गया।

बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच, सजे-धजे रथ पर विराजमान भगवान रूप श्री कृष्ण रुक्मणी की मनमोहक छवि ने सबका मन मोह लिया। बारात में शामिल श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए नाचते-गाते चल रहे थे। चारों ओर गुलाल उड़ रहा था और वातावरण में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संचार हो रहा था। बारात में झांकियों का भी विशेष आकर्षण रहा, जिनमें भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए लालायित दिखा। बारात जिस मार्ग से गुजरी, वहां के स्थानीय निवासियों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। श्री शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह और महारास लीला की मनमोहक कथाएं सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथावाचक राधेश्याम शास्त्री ने रुक्मिणी के हरण और भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके विवाह का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में स्वीकार किया और भगवान ने उनकी इच्छा पूरी की। यह कथा प्रेम,समर्पण और विश्वास के अनुपम संगम को दर्शाती है।
इसके उपरांत, शास्त्री जी ने भगवान कृष्ण की गोपियों के साथ महारास लीला का रहस्य समझाया। उन्होंने बताया कि यह केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का एक गहरा आध्यात्मिक प्रतीक है। महारास लीला के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि कैसे भक्त अपनी समस्त आसक्तियों को त्याग कर ईश्वर से एकाकार हो सकता है। इस अवसर पर आयोजन करता मनीष कसौधन शंभू मीरा देवी पत्नी स्वर्गीय राधेश्याम अमित कसौधन अमित श्रीवास्तव जितेंद्र श्रीवास्तव शिशिर कुमार मनीष कसौधन भरत चंद मोदनवाल चंदन कसौधन मनीष सोनी मनोज कौशल विनोद लोहिया सहित आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ कमाया। शास्त्री जी के ओजस्वी प्रवचन और सुंदर गीत कथा कहने के अनूठे अंदाज ने सभी के मन में भक्ति भाव जागृत किया।

