गोंडा।दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोंडा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन से ग्रामीण समुदाय को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण प्रयास था।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्र प्रमुख डॉ. सी.एम. त्रिपाठी ने की। उन्होंने कहा कि “दीनदयाल शोध संस्थान की सोच केवल कृषि विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देती है। योग, इसी उद्देश्य को साकार करने का एक प्रभावी माध्यम है।
”योगाभ्यास का संचालन परसपुर महाविद्यालय के विद्यार्थी कार्य प्रमुख वैभव सोनी द्वारा किया गया, जिन्होंने मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास कराया एवं उनके लाभों की जानकारी दी।डॉ. आशीष पांडेय (प्लांट प्रोटेक्शन वैज्ञानिक) ने योग के वैज्ञानिक पहलुओं को साझा करते हुए बताया कि “नियमित योगाभ्यास से शरीर व मन का संतुलन बना रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।”गृह विज्ञान वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी ने महिलाओं को योग के प्रति जागरूक करते हुए इसे दैनिक जीवन का आवश्यक अंग बनाने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर परसपुर ग्रामोदय एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक ओमप्रकाश पांडेय ने भी योग के सामाजिक और सामूहिक महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में डॉ. अभिषेक मिश्रा (पशुपालन वैज्ञानिक), डॉ. सुधांशु (प्रसार वैज्ञानिक), तथा केंद्र के अन्य स्टाफ सदस्य हरिपाल सिंह , छोटे लाल शुक्ला, शशिबाला सिंह, प्रभु राम वर्मा, भगत राम, राहुल शुक्ला, आदि उपस्थित रहे।साथ ही क्लस्टर आधारित व्यवसाय संगठन (CBBO) के प्रतिनिधि स्नेहा पांडेय, पुष्पेन्द्र सिंह राणा, नितेश दुबे, तथा प्रगतिशील किसान रामशंकर तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।इस कार्यक्रम में कुल 45 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के लाभों के प्रति जागरूकता फैलाना और इसे ग्रामीण जनजीवन की दिनचर्या में सम्मिलित करने हेतु प्रेरित करना था। अंत में सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई।

