मुश्ताक अहमद
गोंडा।समाज की बंदिशों और बेड़ियों को तोड़कर गोंडा जिले के नदईपुरवा की सोनी व जूही स्वयं सहायता समूह के जरिए राष्ट्रीय राज ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर फूलों की महक बिखेर रही हैं। इनके समूह द्वारा उगाए गए फूलों की बिक्री गोंडा,बहराइच,अयोध्या व उत्तराखंड की मंडी में होती है।
सोनी ने कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा था। लेकिन,उन्होंने इसे अभिशाप नहीं बनने दिया। समूह सखी का सानिध्य पाकर उन्होंने राष्ट्रीय राज ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह गठित किया। घर की दहलीज से बाहर कदम निकाला तो पति ने भी संबल दिया। आज उनके समूह में 11 महिलाएं जुड़ी हैं। उनके खेत में उगे फूलों की बिक्री गोंडा, अयोध्या के साथ उत्तराखंड के बाजारों में हो रही है। सोनी बताती हैं कि वह चार बीघा क्षेत्रफल में गेंदा, जाफरी व मार्गेट के फूलों खेती कर रही हैं।
सोनी की तरह ग्राम पंचायत नदईपुरवा में इंटरमीडिएट तक शिक्षित जूही भी महिलाओं के लिए नजीर हैं। घर की डांवाडोल आर्थिक स्थिति बदलने के लिए उन्होंने खुद को सशक्त करने की ठानी।राज ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर लक्ष्मीबाई स्वयं सहायता समूह गठित किया। फूलों की खेती शुरू की। इसके बाद गांव में समूह सखी की भूमिका निभाकर दो अन्य समूहों का गठन कराया। जूही बताती हैं कि गेंदा, सजावटी गेंदा, गुलाब, गुलदावरी आदि फूलों को अब गांव में ही ट्रांसपोर्ट के जरिए बिक्री के लिए दिल्ली, कानपुर, गोंडा, अयोध्या और उत्तराखंड की मंडी में भेजा जाता है।

