मुश्ताक अहमद
गोंडा।जिले का वजीरगंज बाजार बीते दो दशक से बदलाव की बयार तो बही ही है बावजूद इसके अभी तक अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। बैंकिंग सुविधा, शिक्षा, विद्युतीकरण, सड़कें पहले से बेहतर हुई हैं। स्वास्थ्य व शुद्ध पेयजल की सुविधा में कोई खास बदलाव नहीं आया है। वजीरगंज बाजार आधुनिक हुआ है। जिन खाद्य सामग्रियों और अन्य वस्तुओं के लिए ग्राहकों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता था वे सामान वजीरगंज बाजार में ही उपलब्ध हैं।

बैंकिंग के क्षेत्र में उपभोक्ताओं को नगदी पाने में आसानी
कई वर्ष पहले वजीरगंज बाजार में बैंकिंग व्यवस्था मात्र एक बैंक के जिम्मे थी। जिसमें इलाहाबाद बैंक प्रमुख रहा। 20 वर्ष पूर्व वजीरगंज में एटीएम की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहीं अब स्थानीय बाजार में दो बैंक ग्राहकों को सेवा दे रहे हैं। जिनमें इंडियन बैंक, प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शामिल है। 24 घंटे कैश की सुविधा के लिए इंडियन बैंक व स्टेट बैंक द्वारा ग्राहकों को एटीएम की सुविधा दी जा रही है।
शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण
स्थानीय बाजार सहित आसपास के इलाकों में शुद्ध पेयजल की समस्या व्याप्त है। यहां पर पानी रखते ही पीला हो जाता है। हालांकि जल निगम इसे आयरन की अधिकता मान रहा है। फिर भी पीने और कपड़े धुलने के लिए लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। सफेद कपड़े पीले हो जाते हैं। लोगों ने समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
बेटियों के लिए खुले शिक्षा के नए आयाम
शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 20 वर्ष पहले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा दयानंद आर्य वैदिक इंटर कालेज के जिम्मे थी। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में मात्र गिने-चुने ही निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था दे रहे थे। वहीं इंटरमीडिएट के बाद यहां उच्च शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। लेकिन अब क्षेत्र में दर्जनों निजी विद्यालय इंटरमीडिएट तक की शिक्षा दे रहे हैं, आधा दर्जन से अधिक विद्यालय उच्च शिक्षण व्यवस्था दे रहे हैं। अब छोटे बच्चों के लिए भी प्ले स्कूल खुल चुके हैं। खास तौर से बेटियों को उच्च शिक्षा लेने के लिए बेहतर अवसर प्रदान हुए हैं। बेटियों को पहले इंटरमीडिएट के बाद अपनी शिक्षा बंद करनी पड़ती थी लेकिन अब उच्च शिक्षण संस्थान खुलने से उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी हुई है।
स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति बेहद दयनीय
पवित्र नगरी अयोध्या को जाने वाला हाईवे होने के बावजूद भी यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा एक ही बेहतरीन निजी चिकित्सालय मौजूद है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी रात में स्थिति बेहद दयनीय हो जाती है तथा मौके पर कोई डाक्टर मौजूद नहीं मिलता है।
बेहतर सड़क होने से यातायात आसान
वजीरगंज क्षेत्र में पहले पक्की सड़क के नाम पर मात्र एक ही सड़क थी जो जिला मुख्यालय व अयोध्या को जोड़ती थी। उस सड़क की स्थिति भी खस्ताहाल थी। लेकिन अब क्षेत्र में पक्की सड़कों का जाल बिछा हुआ है। वजीरगंज से झिलाही तक के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सड़क का निर्माण कराया गया है। जनपद मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क का भी विकास हुआ है।
विद्युतीकरण की व्यवस्था बेहतर
विद्युतीकरण व्यवस्था क्षेत्र में पहले स्थानीय बाजार को छोड़कर आसपास के इक्का-दुक्का गांव में ही विजली की लाइने बिछी हुई थी। विद्युत सप्लाई मात्र 4 घंटे के लिए उपलब्ध हो पाती थी। अब सरकार द्वारा अभियान चलाकर सौभाग्य योजना के अंतर्गत प्रत्येक घर को विद्युत व्यवस्था उपलब्ध करवा दी गई है। क्षेत्र में विद्युत सप्लाई का सुधार हुआ है। प्रतिदिन 18 से 20 घंटे विद्युत सप्लाई दी जा रही है। क्षेत्र में निजी कंपनी द्वारा भी सोलर पैनल लगाकर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

