छपिया।भागवत कथा धूमधाम से मनाया गया।कृष्ण रूक्मिणी विवाह महोत्सव मसकनवा कस्बे के खांले गांव रेलवे क्रासिंग के पास चल रहा नौ दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के दौरान भगवान कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया।
रूक्मिणी कृष्ण के गले में जयमाल डालते ही पूरा पंडाल फूलों की वर्षा और जयकारों से गूंज उठा। मुख्य यजमान श्री राम गुप्त और माया देवी ने काल्पनिक पाव पूजन कर दान किया। श्रद्धालुओं ने नेग उपहार दे कर रश्म की अदायगी की। कथा व्यास पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महराज ने कहा कि संस्कार का जीवन में विशेष महत्व होता है। संस्कार मनुष्य का आभूषण होता है ।उसी से उसकी पहचान होती है।महिलाओं ने भक्ति भाव पर जम कर नृत्य किया। आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
इस मौके पर सुनील,अनिल,सोनी, संगीता,अनीता, सुरभि, महिमा, मानसी,शशांक, मयंक, शिवकुमार शिव प्रकाश ,छोटे बाबू ,श्याम सुंदर ,सूर्य कांत शुक्ल मौजूद रहे।

