गोंडा।श्रीरुद्र महायज्ञ एवं विराट संत सम्मेलन एकादश रूद्र स्थापना पर श्रीचतुर्भुज मंदिर पारासराय इटियाथोक में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण की बाल लीला का सुंदर चित्रण किया गया। अयोध्या से आई साध्वी कथा वाचक अंजलि किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला की कथा श्रद्धालुओं को सुनाई उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं।
भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं की बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। साध्वी अंजलि किशोरी ने कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। श्रीकृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं, इससे प्रसन्न होकर इंद्र व्रज में वर्षा करते हैं जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है इसके कारण ही वर्षा होती है।हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए बहुत विवाद के बाद श्री कृष्ण की यह बात मानी गई और व्रज में गोवर्धन पूजा की तैयारियां शुरू हो गईं। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति के सागर में मंत्रमुग्ध दिखे। अयोध्या से आए यज्ञाध्यक्ष पंडित अनिल शास्त्री जी महाराज मौजूद रहे। इस दौरान डॉ करुणा पति त्रिपाठी, ओम कुमार शुक्ला, संजय त्रिपाठी, धीरेंद्र मिश्रा, ओपी शुक्ला, संजय तिवारी, रघुनंदन तिवारी, अभिमन्यु शुक्ला, अनुराग त्रिपाठी, धर्मेंद्र त्रिपाठी, अशोक तिवारी सहित आदि लोग मौजूद रहे।

