गोंडा।मैजापुर चीनी मिल ने 22 नवंबर 2024 तक किसानों से खरीदे गये गन्ने का भुगतान 1 करोड 73 लाख रुपए कर दिया गया है। और आगे भी त्वरित रूप से भुगतान किया जायेगा। मिल अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि चीनी मिल को साफ-सूथरा, ताजा, जड़-पत्ती, अगोला पोगला रहित गन्ना ही आपूर्ति करें। चीनी मिल परिवार ने किसानों को शुभकामनाएं भी दी है।
9 नवंबर से पेराई शुरू हुई थी
किसानों की समृद्धी के लिए इस सत्र में चीनी मिल का संचालन 9 नवम्बर से शुरू हो गया था। और चीनी मिल को बढ़ी हुई पेराई क्षमता से चलाया जा रहा है। शीघ्र मिल चलने एवं बढ़ी हुई पेराई क्षमता से पेराई करने से किसानों के गन्ने की आपूर्ति समय से होगी साथ ही साथ भुगतान भी समय से मिलेगा।
किसानों से मिल अधिकारियों ने अनुरोध किया है कि अपनी चीनी मिल को साफ सूथरा गन्ना ही आपूर्ति करें। पुनः अवगत कराया जाता है कि असुविधा से बचने के लिए अपनी चीनी मिल को साफ सुथरा ताजा गन्ना ही आपूर्ति करें। गन्ने के साथ हरा बन्धन, अगोला, जड पत्ती, मिट्टी किसी भी दशा में स्वीकार नही किया जायेगा।
वर्षा कम होने से पौधे गन्ने की फसल का उत्पादन कम होने की आशंका है। और चूहों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। अधिक उत्पादन के लिए व चूहों से सुरक्षा के लिए पौधे गन्ने में 20 दिन के अन्तराल पर सिंचाई अवश्य करें। इस समय शरदकालीन गन्ना बुवाई का समय चल रहा है। इस समय गन्ना बुवाई से अच्छा जमाव होता है तथा अधिक उत्पादन भी प्राप्त होता है। क्षेत्र में गन्ना प्रजाति को० 0118, कोलख 14201 व को० 15023 की बुवाई करें। शरदकालीन गन्ने से लगभग 25% अधिक उपज प्राप्त होती है। शरदकाल अर्थात कातिक में अच्छी अच्छी प्रजातियों की बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है। गन्ना बुवाई के लिए मजदूर आसानी से मिल जाते है। शरदकाल में पर्याप्त बढ़वार हो जाने के कारण सूखा जलभराव आदि को सहन करने की क्षमता अधिक होती है। शरदकाल में बोये गन्ने में जानवर कीट एवं बीमारी आदि का प्रकोप कम होता है। शरदकाल में बोये गन्ने की आपूर्ति पेड़ी गन्ने के साथ होती है इसलिए आप सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक क्षेत्रफल में शस्दकालीन गन्ने की बुवाई करें। गन्ना बुवाई करते समय दी जाने वाली खाद को नालियों में पहले डालकर गन्ने की बुवाई में दो आँख के टुकड़ों का प्रयोग करें। बुवाई के बाद गन्ना बीज को केवल 2-3 इन्च मिट्टी से ढ़क दें। पाटा कदापि न चलायें इस प्रकार आप छोटी छोटी बातों पर ध्यान देंगे तो आपको गन्ने का निश्चित ही अधिक उत्पादन प्राप्त हो सकेगा। चीनी मिल आपकी भूमि की गुणवत्ता सुधारने हेतु भूमि में जैविक पदार्थ की मात्रा एवं जल धारण क्षमता बढार्ने व पोषक तत्वों की उपलब्धता के लिए प्रेसमड़ भारी छूट पर उपलब्ध करायी जा रही है। किसान प्रेसमड का प्रयोग सीधे खेतों में ना करें। प्रेसमड को किसी छायादार स्थान पर गडढे में डालकर नमी की अवस्था में ट्राइकोडर्मा से डिकम्पोस्ट करके गन्ना बोये जाने वाले खेतों में प्रयोग करें। चीनी मिल भूमि की गुणवत्ता सुधारने हेतु व्वायलर एश (राख) निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्वायलर एश डालने से भुमि की संरचना, जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है ब्वायलर एश में पोटाश होने के कारण फसलों के लिए पोषक तत्व की पूर्ति होती है। जो किसान व्यायलर एश (राख) लेना चाहते है वह राजितराम सहायक प्रबन्धक से मोबाइल नम्बर 9793435818 पर सम्पर्क करें। मौजूदा समय में चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति में टिपलर को बढ़ावा देने के लिए खाड़े में अलग लाइन, तौल हेतु अलग कांटा और ट्रिपलर जल्दी खाली कराने के लिए डोंगा को बढ़ाया गया है। किसान अपने लिए ट्रिपलर की व्यवस्था जल्द से जल्द कर लें। चीनी मिल ट्रिपलर अनुदान पर उपलब्ध करा रही है अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय चीनी मिल कर्मचारी से सम्पर्क कर योजना का लाभ उठायें।
मैजापुर चीनी मिल किसानों व उनके परिवार की समृद्धि व खुशहाली की कामना करती है। और अपील करती है कि अपनी चीनी मिल को साफ सूथरा एवं ताजा गन्ना की आपूर्ति करें साथ ही साथ शदकालीन बुवाई करके गन्ने का क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ावें।

