इमरान अहमद
गोंडा।आज जहाँ देश भर में जाति-मजहब के नाम पर भले ही राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं,लोगों को हिंदू-मुस्लमान के नाम पर लड़ाया जाता हो,लेकिन वहीं यहां आकर जाति-धर्म की बड़ी से बड़ी दीवारें टूट जाती हैं। यहां इक सख्श ने सदियों से चली आ रही गंगा-जमुनी तहजीब की परम्परा को आज भी जीवित रखा है।

जी हाँ हम बात कर रहें हैं गोंडा जनपद के एक ऐसे ज़िंदा दिल इंसान की जिसके लिए मानवता से बढ़कर कुछ नहीं है।गोण्डा ज़िले के रहने वाले मसूद आलम खान कई सालों से हिंदु-मुस्लिम त्योहारों को मिलकर मनाते आ रहें हैं।उनका कहना है की मेरा मकसद आपसी भाईचारा,प्रेम,सद्भाव को कायम रखना है।यहीं नहीं मसूद खान पिछले 17 सालों से कजरी तीज के दिन कावंड़ियों के लिए पंडाल लगाते हैं।

गुरुवार को कजरी तीज के अवसर पर मसूद आलम खान ने हर साल की तरह कटरा बाजार गोंडा में प्रेम का पंडाल(फल वितरण) लगाया।इस मौके पर मसूद खां ने बताया कि कजरी तीज के दिन हिंदू भाईयों के लिए पंडाल लगाया जाता है।वह पिछले 17 सालों से प्रेम, सद्भाव,भाईचारा,एकता,गंगा जमुनी तहजीब,को बनाए रखने लिए यह प्रेम का पंडाल लगाते हैं,जिसमें कावंड़ियों के लिए फल व अन्य सामान का वितरण किया जाता है।

इस मौके पर निसार अहमद अंसारी,पूर्व चेयरमैन वकार खान,जियाउर्रहमान खान,सूफियान खान,प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक सभा फरमान खान,सभासद कृष्ण चंद्र पांडे,नान बच्चा मिश्रा,सलमान खान,जियाउलहक शाह,नानबाबू गौतम,आसिफ़ लारी,सलमान खान,आलम ख़ान सब्बू पठान अरविंद मौर्या,सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे।

