गोन्डा।शारदा मैरिज लान में चल रहे 9 दिवसीय महापुराण कथा में आज तीसरे दिन पंचवटी श्री सीताराम आश्रम में आयोजित कथा में कथावाचक रविशंकर गुरुभाई ने शिव विवाह की कथा श्रवण कराई।कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान शंकर को विरक्त माना गया है।वैराग्य के अधिपति भगवान शिव संसार को नई दिशा प्रदान करने के लिए विवाह रचने की लीला करते हैं।मां पार्वती को सती जी का स्वरूप माना गया है।जिस समय ताड़कासुर राक्षस का आतंक पृथ्वी पर चारों ओर बढ़ गया। तब शिव ने पार्वती माता से विवाह किया।भोलेनाथ के विवाह से ही प्रथम परिवार होने की उत्पत्ति मानी जाती है।

इसी क्रम में बुधवार की रात रानी बाजार स्थित श्री राम जानकी धर्मशाला से होते हुए बड़गांव स्थित कथा स्थल शारदा मैरिज लॉन तक बड़े ही धूमधाम व गाजा बाजे के साथ शिव बारात निकाली गई।बारात में भजनों की धुन पर श्रद्धालुओं ने भोले की मस्ती में झूमते रहे।शारदा मैरिज लान में भोले नाथ और मां पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ।कथा में भजन प्रवाहक शिवा शुक्ला और राघव पंडित ने अपनी टीम के साथ गाते हुए भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य यजमान आरती सोनी -संतोष सोनी ने भगवान शिव–पार्वती का आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम में मंडलीय प्रभारी संदीप मेहरौत्रा,शिव शंकर सोनी,दीपक मराठा,अमित सोनी,रवि सोनी,दीपेंद्र मिश्रा,सूर्य प्रकाश सोनी,समेत अन्य समिति के कार्यकर्ताओं व तमाम शिव भक्त मौजूद रहे।

