कटराबाजार,गोंडा।मृत्यु के बाद आप की आंखों से अन्य जरूरत मंद लोग भी इस दुनिया को देख सकें।इसी आसय को आत्मसात करते हुए कन्या कंपोजिट स्कूल कटराबाजार के सहायक अध्यापक अरुण सिंह ने मरणोपरांत अपनी आंखों को जरूरत मंदों को दान करने का निर्णय लिया।
नेत्र दान महादान को अपनाते हुए शिक्षक ने मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर भारत सरकार की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा है कि जिस समय चिकित्सकों की टीम उन्हें मृत घोषित कर देगी। उस समय वह अपनी दोनों आंखों को जरूरतमंदों के आंखों की रोशनी के लिए भारत सरकार के डाक्टरों को दान करने की शपथ लेते हैं। अध्यापक ने बताया कि यह निर्णय वह स्वयं अपनी इच्छा से ले रहे हैं। मरणोपरांत मेरा कोई अंग किसी जरूरतमंद के काम आ जाय यह सबसे बड़ा पुण्य व परोपकार है।

