मुश्ताक अहमद
गोंडा।कैसरगंज से भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के काफिले में शामिल होने जा रही फॉर्च्यूनर ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों और एक महिला को टक्कर मार दी। ये घटना कर्नलगंज-हुजूरपुर मार्ग स्थित छतईपुरवा गांव के पास हुआ।
कार की टक्कर से रेहान,शहजाद और सीतादेवी घायल हो गईं। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रेहान व शहजाद को मृत घोषित कर दिया। वहीं सीतादेवी को गोंडा मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने बहराइच- हुजूरपुर मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। फॉर्च्यूनर पर पुलिस एस्कॉर्ट लिखा था। वाहन नंदिनी एजुकेशन इंस्टीट्यूट के नाम से दर्ज है।

फांच्यूर्नर काफिले में शामिल होने जा रहा था
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,करण भूषण शरण सिंह अपने 10-12 गाड़ियों के काफिले के साथ बहराइच की तरफ जा रहे थे। उनके वाहनों का काफिला आगे निकल चुका था। स्कॉर्ट वाहन पीछे छूट गया था, जो काफिले में शामिल होने के लिए जा रहा था। रास्ते में छतईपुरवा गांव के पास फॉर्च्यूनर ने बाइक सवार रेहान व शहजाद के साथ ही सड़क पार कर रही सीतादेवी को ठोकर मार दी, जिससे तीनों घायल हो गए।

दोनों भाइयों की मौत
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया,जहां चिकित्सकों ने दोनों चचेरे भाइयों को मृत घोषित कर दिया। छतई पुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने हाईवोल्टेज प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन ठप रहा।एसडीएम भारत भार्गव,सीओ सदर विनय सिंह,सीओ कर्नलगंज चंद्रपाल शर्मा,कोतवाल निर्भय नारायण सिंह ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। घटनास्थल पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।वहीं मृतक रेहान की मां चंदा बेगम द्वारा दी गई तहरीर में लिखा है कि उसका बेटा व भतीजा शहजाद दोनों बाइक से दवा लेने के लिए कर्नलगंज जा रहे थे।रास्ते में यूपी 32 एचडब्ल्यू 1800 ने ठाेकर मार दी।इसमें दोनों की मौत हो गई।

सीओ करनैलगंज शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि आरटीओ कार्यालय में वाहन संख्या यूपी 32 एचडब्ल्यू 1800 नंदिनी एजुकेशन इंस्टीट्यूट के नाम से दर्ज है,जिसका मई 2017 में रजिस्ट्रेशन कराया गया है।कर्नलगंज कोतवाल निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मंगलवार को ही सऊदी से घर आया था शहजाद
मंगलवार की शाम को शहजाद एक साल बाद सऊदी से घर आया था।बुधवार सुबह वो अपने चचेरे भाई रेहान के साथ कर्नलगंज दवा लेने जा रहा था।परिवारीजन को क्या पता था कि अब वह वापस नहीं आयेगा।मां व परिवारीजन का रो-रोकर हाल बेहाल है।गांव के लोग घटना से स्तब्ध है। चीख पुकार से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

