मुश्ताक अहमद
गोंडा।आंखों में अश्कों की लहर,जेहन में दीदार की तमन्ना और मन में मुराद पूरी होने की हसरतें जहां एक साथ कुलाचें मार रही हों वहां झोली भला कैसे खाली रह सकती है। जी हां यह नजारा है तरबगंज के सिंगहा चन्दा पहलीपुरवा में स्थिति हज़रत बाबा युसुफ शाह रहमततुल्लाह अलैह के दर का जहां जहां शनिवार की रात मेले की शक्ल में उनकी रहमत लूटने वालों का तांता लगा रहा। यहां हजरत युसुफ शाह की एक झलक पाने की लालसा हर शख्स में साफ दिखती रही।

हर साल अप्रैल माह में यहां दो द्विसीय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान दिल्ली ,मुम्बई, लखनऊ, कानपुर, बहराइच, फैजाबाद, गोरखपुर, गोंडा, बलरामपुर व पड़ोसी मुल्क नेपाल से हजारों की संख्या में जायरीन हजरत युसुफ शाह रहमतुल्लाह अलैह के आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचकर चादर पोशी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि हजरत की दरगाह पर मांगी गई मुरादें जरुर पूरी होती हैं। हजरत युसुफ शाह को नेकराही के नाम से जाना जाता है।

इंसानियत की खिदमत से बढ़कर कुछ नहीं
हजरत युसुफ शाह रहमततुल्लाह अलैह का मजार के खादिम हिंदू-मुस्लिम एकता मानव कल्याण ट्रस्ट के अकबर हुसैन कहते हैं कि हजरत युसुफ़ शाह ने हमेशा इंसानियत को जिंदा रखने के लिए मुसीबतें उठाई है। लेकिन अवाम व मानवता पर आंच नहीं आने दी। हजरत का फरमान है कि इंसानियत की खिदमत से बढ़कर संसार में कोई दूसरा काम नहीं है। यह उन्हीं का करम है कि आज भी उनके अमन चैन के पैगाम की खुशबू से सारा इलाका महक रहा है।
युसुफ शाह ट्रस्ट में इनकी भागीदारी
संरक्षक विशाल पाठक प्रधान सिंगहा चंदा,अध्यक्ष खादिम अकबर हुसैन,प्रवंधक/सचिव डाक्टर इंद्रजीत शर्मा,चेयरमैन दुर्गेश जायसवाल,कैशियर डाक्टर एन सिंह, रामायण शुक्ला सचिव,डाक्टर पंकज मिश्रा उपाध्यक्ष, सियाराम मौर्य टेंट वाले व्यवस्था मंत्री, मोहम्मद सिराजुद्दीन उपाध्यक्ष,इश्तिखारुद्दीन(लालू) संगठन मंत्री शामिल हैं।

