तरबगंज,गोण्डा।स्थानीय थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत धौरहराघाट में शुरू नौ दिवसीय देवीभागवत महापुराण यज्ञ के पाँचवें दिन माता भगवती का अवतार हुआ जिस पर श्रोता झूम उठे और जयजयकारा की गूंज से यज्ञ स्थल भक्तिमय हो गया।ग्राम पंचायत धौरहराघाट की मजरा झामपुरवा में 8 मार्च से शुरू नव दिवसीय श्रीमदभागवत देवी महापुराण यज्ञ कथा में मुख्य यजमान सेवा निवृत्त शिक्षक पं पारसनाथ मिश्र ने अपने घर पर आयोजित किया जिसमे आचार्य पं सूर्यमणि द्विवेदी ने मंत्रोच्चार से यज्ञ की शुरुआत की थी। कथा बाचक पं.दुर्गाप्रसाद पाण्डेय ने श्रोताओ को भगवान के अमृत रूपी कथा का रसपान कराया।
देवी महापुराण यज्ञ के पाँचवे दिन की कथा कहते पं. दुर्गाप्रसाद शास्त्री ने कहा की महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो बहुत ही बली था जिसने भगवान ब्रह्म की तपस्या कर कभी भी किसी भी पुरूष के हाथ से ना मरने का बरदान माँगा था बरदान मिलते ही पूरी दुनिया को अपने बल पराक्रम से बस में कर लिया देवी देवताओ को परेशान करने लगा जिसके आंतक से त्राहि त्राहि करते हुए सभी देवता भगवान विष्णु के पास गए और महिषासुर को मारकर धर्म की स्थापना करने के लिए विनती की जिस पर भगवान विष्गु ने सभी देवताओ का अंश एकत्रित किया तब जाकर माँ भगवती का अवतार हुआ और अवतार लेकर माँ भगवती ने महिषासुर सहित सभी दूष्टो का संहार किया और धर्म की स्थापना की।
माता भगवती का अवतार होते ही कथा सुनने आये सभी श्रोता झूमने लगे व माँ की जयजयकार करने लगे पूरा वातावरण भक्ति मय हो गया माँ के अवतार के बाद भगवान कृष्ण का अवतार हुआ और आरती की गई व प्रसाद वितरण किया गया।इस अवसर पर कथा ब्यास के साथ मुख्य यजमान पं. पारसनाथ मिश्र, उनके पुत्र प्रदीप कुमार मिश्र उर्फ तान्त्रिक,प्रधानसंघ के जिलाउपाध्यक्ष आरडी तिवारी सहित काफी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।

