मुश्ताक अहमद
गोंडा।शायद वजीरगंज विकास खंड की जमुनहा मझरेती एक मात्र ऐसा गांव है कि यहां के वोटर दो सांसद और दो विधायक चुनने का काम करते हैं। दरअसल नवाबगंज नाम की नई विधानसभा का सृजन वर्ष 2009 में प्रदेश में विधानसभाओं व लोकसभाओं के परिसीमन के बाद हुआ।

मनकापुर विधानसभा से कुछ गांव काटकर डिक्सिर विधानसभा का नाम बदलकर नई विधानसभा तरबगंज में जमुनहा मझरेत गांव को कैसरगंज संसदीय क्षेत्र में रखा गया है।इस ग्राम पंचायत का राजस्व गांव बौगड़ा को मनकापुर विधानसभा के साथ ही गोंडा संसदीय क्षेत्र में रखा गया है। कैसरगंज का सांसद चुनने में तरबगंज विधानसभा और गोण्डा सांसद चुनने में मनकापुर विधानसभा के वोटर निर्णायक माने जाते हैं। तरबगंज के मतदाताओं के बदौलत वर्ष 2009 में पहली बार सपा से वृजभूषण शरण सिंह, मनकापुर के बदौलत बेनी प्रसाद वर्मा और वर्ष 2014 व 019 के चुनाव में कैसरगंज से भाजपा प्रत्याशी वृजभूषण शरण सिंह व गोंडा संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कुंवर कीर्तिवर्धन सिंह’राजा भैया’ सांसद चुने गए थे।
लोकसभा के चुनाव में जमुनहा मझरेती के वोटर गोंडा और कैसरगंज के वर्ष 2024 में चौथै सांसद का चुनाव करेंगे। इस गांव के कैसरगंज सीट की आबादी यानि जमुनहा मझरेती की 1500 और वोटर 750 हैं, जबकि इसी ग्राम पंचायत का राजस्व गांव बौगड़ा, जो गोंडा संसदीय क्षेत्र में है उसके आबादी 1400 और 650 वोटर शामिल हैं।
गौरवशाली है इतिहास
वजीरगंज का इतिहास गौरवशाली व आध्यात्म से परिपूर्ण है। कोंडर गांव की कोंडर झील के तट पर स्थित योग जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली,बाल्हाराई के बालेश्वरनाथ में स्थित भगवान राम के पूर्वजों द्वारा स्थापित शिवलिंग,रौजा गांव में हाइवे पर स्थित गाजी-ए-पाक की दरगाह,टिकरी में मां अनुसुइया की भव्य मंदिर व नवाब आसिफुद्दौला द्वारा बनवाई गई बारादरी व उनके वजीर अमजद अली द्वारा बसाए गए वजीरगंज कस्बे का नाम लोग शान से लेते हैं।

