सीतापुर।सीतापुर जनपद के थाना तालगांव भेलावाबड़ा तालाब निवासी उमेश पुत्र विजय को यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने 26सितम्बर को गिरफ्तार किया था और 27सितम्बर को उसका चालान कर दिया था। वहां उसकी हालत बिगड़ने पर ज़िला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मृतक उमेश की मृत्यु पुलिस द्वारा की गई पिटाई के कारण हुई है। आरोप है की पुलिस जब आरोपी की तलाश में आई तो आरोपी घर पर नहीं था। पुलिस आरोपी के पिता और भाई को पकड़ ले गई और उनको मारा पीटा। जब आरोपी उमेश को हाजिर किया गया। आरोप है कि पुलिस ने गांव के प्रधान और एक ब्यक्ति के कहने पर उमेश को बहुत बेरहमी से मारा पीटा। परिवार वालों का आरोप है कि हम लोग थाने में उमेश से मिलने गए तो वहां मौजूद स्टॉफ ने हमें मिलने नहीं दिया। और बताया वो यहां नहीं है। चौकी पर जाओ जब हम चौकी पर तो वहां कहा गया थाने पर जाओ, हम लोग थाने से चौकी चक्कर लगाते रहे। बीती रात प्रधान द्वारा हमें खबर दी गई की मृतक उमेश कि तबीयत ख़राब है उसे ज़िला अस्पताल में भरती कराया गया है। परिजनों का कहना है जब हम लोग अस्पताल पहुचे तो वहाँ उस कि लाश रखी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसको इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मृत्यु हो गई। फिलहाल लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सत्तयता सामने आयेगी, मौत किस कारण से हुई है। परिजनों के आरोपों में कितनी सत्यता है। परिजनों का कहना है कि जब तक जांच कर के दोषियों को सज़ा नहीं मिलती हम शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति साफ हो पायेगी।

