बलरामपुर।उतरौला कस्बे में मानस परिवार सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित संगीतमय श्री राम कथा के दूसरे दिन अयोध्या धाम से पधारे संत सर्वेश जी महाराज ने कहा कि एक बार शिव सती जी के साथ दक्षिण भारत श्री राम कथा सुनने के लिए कुंभज ऋषि ने श्री राम कथा सुनाई। कथा केवल शिवजी ने सुनी सती ने नहीं सुनी। और जब कथा 9 दिन के बाद विश्राम लिया और जब शिवजी वहां से चलने लगे कैलाश के लिए तो सती जी के लिए बाबा तुलसी जी ने लिखा। चली भवन सग दक्ष कुमारी और जब आई थी तब बाबा तुलसी ने मानस में लिखा है।
पूज्य ऋषि अखिलेश्वर जानी सॉन्ग सती जग जनन भवानी और बाद में ऋषि कुंभा ने शिवजी से भक्ति के विषय में पूछा है। और भक्ति के बारे में शिव जी ने उनको उपदेश दिया कहा बिना भक्ति के जीवन अधूरा है। भक्ति अनिवार्य है संत की सेवा करना भगवान की कथा सुना गुरु की सेवा करना सरल बना संतोष धारण करना यह सब भक्ति के लक्षण है। रामकथा में प्रस्तुत भजन सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी बलिहार राघव जी इस भजन ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। कथा में ओम प्रकाश गुप्ता, संजय गुप्ता, नीरज गुप्ता, राम प्रकाश गुप्ता, दीपक चौधरी, सतीश गुप्ता समेत तमाम लोगो की उपस्थिति रही।

