इमरान अहमद
गोण्डा।मनकापुर रियासत के राजा,पूर्व क़ृषि मंत्री व वर्तमान गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता कुंवर आनंद सिँह “अन्नू भईया” का 86 साल क़ी उम्र में उनके लखनऊ आवास पर निधन हो गया।जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर मनकापुर कोट लाया गया।जहाँ अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।उनके निधन क़ी खबर सुनकर क्षेत्र में शोक क़ी लहर दौड़ पड़ी।कस्बे के लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर शोक व्यक्त क़ी।

कुंवर आंनद सिँह को यूपी टाइगर के नाम से भी जाना जाता था,वह देवीपाटन मंडल के ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के जाने-मानें नेता थे।कुंवर आनंद सिँह का जन्म 4 जनवरी 1939 को हुआ था।वह चार बार के सांसद रहे।साथ ही वह उत्तर प्रदेश सरकार में क़ृषि मंत्री भी रहे।

एक समय था जब कुंवर आंनद सिँह का जिले क़ी राजनीति में तूती बोलती थी।राजा आनंद सिँह का कांग्रेस से गहरा नाता रहा है।उन्होंने अपनी राजनीती क़ी शुरुआत भी कांग्रेस पार्टी से ही क़ी थी।वह 1971,1980,1984 और 1989 में कांग्रेस के टिकट से गोण्डा लोकसभा के सांसद चुने गए।मनकापुर रियासत क़ी बागडोर सँभालने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।सियासत में मजबूत होने के बाद भी वह बेहद सादगी पसंद इंसान थे।आख़री बार वह 2012 में गौरा विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीतकर विधायक बने।जिसके बाद उन्हें सपा सरकार में क़ृषि मंत्री बनाया गया।वर्ष 2017 के बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया।और फिर कभी राजनीति में नहीं गए।
ऐसा रहा उनका राजनीति जीवन…
1971 में वह पहली बार कांग्रेस के टिकट पर सांसदी चुनाव लड़कर लोकसभा पहुचे
फिर उसके बाद वह 1980,1984,1989 में लगातार तीन बार गोंडा से सांसद रहे
1991 में राम मंदिर आंदोलन की लहर में भाजपा के नेता बृजभूषण शरण सिंह से चुनाव हारे।
वहीं 1996 में केतकी देवी सिंह ने भाजपा से चुनाव जीतकर उन्हें हराया।
फिर उन्होंने 2012 मे समाजवादी पार्टी के टिकट पर गौरा विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने। जिसके बाद सपा सरकार में क़ृषि मंत्री बने।

