मुश्ताक अहमद
गोंडा।जिले के गौरवशाली अतीत में टिकरी का वन रेंज काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां की अकूत वन संपदा की प्रसिद्धि काफी दूर तक फैली हुई है। वेश कीमती लकड़ियों के लिए पूरे प्रदेश में टिकरी वन रेंज का नाम बरबस ही लोगों की जुबान पर तैरने लगता है। सांखू, सागौन, शीशम, यूकेलिप्टस का यह जंगल 45 किलोमीटर लंबे भूभाग में फैला है। जिसका क्षेत्रफल 7 हजार 8 सौ हेक्टेयर में बताया जाता है। जिसमें कई करोड़ कीमती लकड़ियों के परिपक्व पेड़ तैयार हैं तो लाखों पेड़ तैयार होने तथा हालिया रोपे गए की स्थिति में है। यहां वन रेंज के नर्सरी में प्रतिवर्ष कीमती लकड़ियों के तमाम नर्सरी पौध तैयार भी की जाती है। जिसकी रोपाई व बिक्री स्थानीय वन विभाग के कर्मियों की देख रेख में संपन्न की जाती है।

यहां के रेंजर ने बताया कि कि टिकरी रेंज का फैलाव जिस प्रकार से इतने लम्बे भू-भाग में है। इसकी पूर्वी व उत्तरी सीमा पड़ोसी जनपद बस्ती को स्पर्श करती है। उस हिसाब से विभागीय सुरक्षा कर्मियों की कमी से समुचित देखरेख नहीं हो पाती है। फिर भी उन्होंने स्थान की महत्वा के बारे में यहां की नमी युक्त मिट्टी को बेशकीमती पौधों के रोपण के लिए सर्वोपयुक्त बताया। कुल मिलाकर यहां का वन रेंज जिसमें कि प्रति हेक्टेयर लगभग 1100 पेड़ लगे हुए हैं। जिले की आर्थिक व पर्यावरणीय सम्पदा को चार चांद लगा रही है। यह स्थान जंगली दुर्लभ जंतुओं और विभिन्न किस्म के जंगली औषधियों एवं जड़ी बूटियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। बीचोंबीच जंगल में नवाबगंज-मनकापुर मार्ग पर लाखों बंदरों का अभ्यारण बना यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में भी अग्रणी हो सकता है। सिर्फ जरूरत है तो इन क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के पहल की। जिसके तरफ इलाके के लोगों की निगाहें एक लम्बे अरसे से आशोन्मुख है।

वन माफियाओं की बुरी नजर से उबरना नहीं है आसान
वन रेंज के भारी फैलाव पर आये दिन वन माफियाओं की नजरें लग जाया करतीं हैं। सुरक्षा इंतजामों को ये माफियागण घता बताते हुए वेशकीमती लकड़ियों पर हाथ साफ कर लेते हैं। जंगल के पूर्वी छोर पर बनी रेंजरी के परिसर में तमाम चोरी की कीमती लकड़ियां यह गवाही दे रही है। कि ये तो बरामदगी की चंद्र निशानी है। जिसका पता चलने पर लकड़ी जब्त किये जाने और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई है। जो नहीं पता चला वह वन्य मूल्य तो माफियाओं की सेहत संवारने में चली गई। यहां वन क्षेत्रफल के हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था का टोटा है।

