सोहावल,अयोध्या।रौजागांव चीनी मिल के कर्मियों की दबंगई अब गन्ना किसानों को भारी पड़ रही है। घाटोली और जबरन उतरवायी दिलाने वाले मिल प्रबंधन तंत्र ने अब किसानों के गन्ने की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। किसान अपने गन्ने को अब इधर से उधर नहीं ले जा सकता. इसकी पोल बुधवार को खुलती नजर आई। जब एक किसान इनका शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे देखने न तो मिल तंत्र के लोग आये और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई ही की।
आरोप है कि गत बुधवार को ट्राली से गन्ना लेकर रोजागांव मिल गए किसान रामाशीष हाजीपुर बरसेंडी को पहले रात में सूखा गन्ना बताकर लौटा दिया गया। जब वह मसौधा की ओर जाने लगा तो अरकुना में डेरा डाले रौजागांव मिल के कर्मियों ने जबरन रोका। किसान ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई तो ट्रैक्टर पलट गया। जिससे दबकर किसान घायल हो गया। परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। किसान ने केस दर्ज करने के लिए रौनाही में तहरीर दिया। अब इसे लेकर भी खेल हो रहा है। किसान कहता है हमारे इलाज की व्यवस्था तक नहीं हुई।जबरन तहरीर वापस करा दी गई। पुलिस किसी तहरीर के मिलने से ही इनकार कर रही है। मुख्य गन्ना प्रबंधक रौजागांव चीनी मिल दिनेश सिंह ने कहा कि सीमा पर कुछ कर्मचारी अपने क्षेत्र के गन्ने की सुरक्षा के लिए लगाए गए है। मिल गेट से किसान को लौटाने की बात सही नहीं है। घटना की पड़ताल कराई जा रही है। उत्पीड़न सही मिला तो किसान की मदद की जायेगी।

