इमरान अहमद
मनकापुर।बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई,इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया……..इन्ही पंक्तियों के साथ हज़ारों लोगों ने मनकापुर राजघराने के कुँवर विक्रम सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।पूर्व चेयरमैन विक्रम सिंह को श्रद्धांजलि देने व उनके अंतिम दर्शन के लिए सोमवार सुबह से ही उनके आवास पर लोगों का ताँता लगा रहा।उनके सम्मान में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर श्रद्धांजलि दी।

बताते चलें कि मनकापुर राजघराने के कुँवर व पूर्व चेयरमैन विक्रम सिंह का रविवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गयी थी,बताया जाता है की शनिवार रात खाना खाकर वो अपने कमरे में सोने चले गए,जब सुबह देर तक कमरे से बाहर नही निकले तो दरवाजा तोड़कर देखा गया।जहाँ वो अचेत अवस्था में पाए गये।उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर ले जाया गया था जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया।उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास मंगल भवन पर रखा गया था,जहाँ सोमवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने आए हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से विदाई दी।उनके अंतिम बार दर्शन करने के लिए सुबह से ही भारी भीड़ लगी रही,जहाँ गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह,गौरा विधायक प्रभात वर्मा,पूर्व कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री,मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी सहित कई विधायक,पूर्व विधायक व अन्य नेताओं ने आवास पहुँचकर श्रद्धांजलि दी।

दोपहर बाद उनका शव यात्रा निकाली गई,जिसमें हज़ारों लोग गमगीन माहौल में शामिल हुए,उनके अंतिम दर्शन के लिए हज़ारों लोग बेताब नज़र आए,हर कोई अपने छोटे राजा को एक आखरी नज़र से देखना चाहता था।उनके अंतिम संस्कार में दूर दराज़ से ही नहीं बल्कि पड़ोसी मुल्क नेपाल से भी लोग आकर शामिल हुए।जहाँ मनवर नदी पर उनके चाचा कुँवर अतुल सिंह से मुखान्ग्नि दी।

कौन थे कुँवर विक्रम?
कुँवर विक्रम सिंह वर्तमान भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के चचेरे भाई थे।वह नगर पंचायत चुनाव में निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे जहाँ 2012-2017 तक मनकापुर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर आसीन रहे।वहीं 2017 में वह गौरा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव भी लड़ चुके हैं।लोग उन्हें छोटे राजा भी कहते थे।

