मुश्ताक अहमद
गोंडा।जिले के शिक्षा क्षेत्र वजीरगंज मे संचालित निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की जेबों पर डाका डाला जा रहा है। शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की निष्क्रियता के चलते इन मानक विहीन संचालित विद्यालयों मे कम पढ़े-लिखे बिना अनुभव के शिक्षकों से शिक्षा दिलाई जाती है। इन शिक्षकों द्वारा उल्टा सीधा पाठ-पढ़ाकर फीस के नाम पर छात्रों से भारी भरकम रुपए वसूले जाते है। जिससे अभिभावकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके जिम्मेदार मौन हैं।
शासन-प्रशासन के सख्त हिदायत के बाद भी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों की निर्वाह करने में असफल दिख रहे हैं। शिक्षा विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। शिक्षा को मोहरा बनाकर स्कूल प्रबंधक धन उगाही करने में जुटे हैं। जिसका जीता जागता प्रमाण वजीरगंज में देखने को मिल जाएगा। यहां प्रबंधकों द्वारा इंग्लिश मीडियम का भारी भरकम बोर्ड लगाकर अभिभावकों को प्रभावित कर उनकी जेबों पर डाका डाला जा रहा है। यही ही नहीं इन स्कूलों में मानक के विपरीत कम वेतन पर कम पढ़े लिखे शिक्षकों को रखकर छात्रों से भारी धन उगाही की जाती हैं। सूत्रों की मानें तो ऐसे विद्यालयों में कम-पढ़ी लिखी अनुभव हीन महिला शिक्षकों को रखकर उनके द्वारा बच्चों को शिक्षा दिलाया जाता है। जिससे छात्र भी अनुभव हीन रहते हैं और अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उदाहरण के तौर पर वजीरगंज में सी.पी.एम पब्लिक स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल, एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल ऐसे ही और कई विद्यालय हैं। यदि सही जांच की जाए तो ढेर सारी खामियां उजागर होगी। लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अपनी आंखे बंद किए हुए हैं। यही वजह है कि मानक विहीन स्कूलों की वजीरगंज में बाढ़ आ गई है। और अभिभावकों की जेबों पर जम कर डाका डाला जा रहा है।

