डेढ़ दशक से मनकापुर सुरक्षित सीट पर नवाबगंज ब्लाक का ही रहा है दबदबा
मनकापुर और नवाबगंज के प्रत्याशी पर ही वोटरों ने बांधा ताज
मनकापुर सुरक्षित सीट पर सपा सुप्रीमो का चल रहा मंथन
मुश्ताक अहमद
गोंडा।सूबे में भले ही कांग्रेस,सपा,बसपा और भाजपा ने सरकार बनाने का रिकार्ड कायम किया हो,लेकिन मनकापुर सुरक्षित राजनैतिक सरजमीं पर यह तथ्य मिथक तोड़ रहा है। आजादी के बाद से अबतक के चुनाव परिणाम कम से कम यही गवाही दे रहे हैं। यहां की जनता नवाबगंज ब्लाक व मनकापुर ब्लाक के प्रत्याशियों के अलावा जिले के अन्य ब्लाक निवासी प्रत्याशियों की नीतियों को समझा ही नहीं। और न ही समझने की कोशिश की, अथवा न पसंद किया। ऐसे तमाम सवाल मनकापुर सुरक्षित सीट के वोटरों के लिए अबूझ पहेली बने हुए हैं।
कई दशकों से हो रहे विधानसभा चुनावों में बाहरी प्रत्याशियों को धूल चटाने वाली जनता आगामी विधानसभा चुनाव यानि मिशन 2027 में पुनः चुप्पी साधे हुए है, जिससे बाहरी प्रत्याशियों का दम हलक में डाले हुए हैं। वर्ष 2022 में सपा ने विधानसभा मनकापुर सुरक्षित सीट पर बसपा छोड़कर सपा में आए पूर्व विधायक रमेशचन्द गौतम को चुनावी मैदान में उतारकर नुमाइंदगी का दांव लगाया था। जिससे जनता ने नकार दिया। परिसीमन के पहले सुरक्षित मनकापुर विधानसभा के चुनाव परिणामों पर नजर डाली जाए तो परिणामों के रुझान के पीछे मनकापुर राजघराने की सरपरस्ती झलकती रही है। परिसीमन के बाद मनकापुर सुरक्षित सीट पर छपिया ब्लाक और मनकापुर ब्लाक का कुछ हिस्सा कट जाने से नवाबगंज ब्लाक का ही प्रत्याशी जीतता आ रहा है। सपा से नवाबगंज ब्लाक के बाबूलाल कोरी,भाजपा से नवाबगंज ब्लाक के रमापति शास्त्री मौजूदा समय में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को लोकसभा चुनाव में पीडीए फार्मूला ने अर्श पर पहुंचा दिया। सपाध्यक्ष अखिलेश यादव पीडीए की जुटान को सकारात्मक आंदोलन मान रहे हैं। सपा पीडीए की एक जुटता, जोश और जुनून को 2027 को अपना लक्ष्य मानकर पीडीए की संजीवनी को कम नहीं होने देना चाहती है। डेढ़ दशक से मनकापुर सुरक्षित सीट पर नवाबगंज ब्लाक का ही प्रतिनिधित्व बरकरार है।
मनकापुर सुरक्षित सीट पर बुना जा रहा है ताना-बाना
शीर्ष नेतृत्व द्वारा मनकापुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर नये प्रत्याशी को लेकर ताना बाना बुना जा रहा है। समाजवादी पार्टी 2017 और 2022 का चुनाव हार चुकी है। वर्ष 2017 में पार्टी प्रत्याशी को करारी पराजय का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में भाजपा कैंडिडेट रमापति शास्त्री ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के रमेशचंद गौतम को 75 हजार वोटों से हराया था जबकि सपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर खिसक गये थे। सपा का शीर्ष नेतृत्व 2022 में कैंडिडेट बदलकर बसपा से सपा में आए रमेशचंद गौतम को नुमाइंदगी के लिए टिकट दिया और 45 हजार वोटों से चुनाव हार गए। परिसीमन के बाद से नवाबगंज का ही प्रत्याशी प्रतिनिधित्व करता आ रहा है।

