हरीश कुमार गुप्ता
बलरामपुर।चाइनीज लोनिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी कर रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह से जुड़े पांच शातिरों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य सरगना बिहार निवासी अवनील चौधरी है,जो दिल्ली से गिरोह संचालित कर रहा था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह फर्जी लोन ऐप के जरिए जरूरतमंदों को पहले 1200 रुपये ट्रांसफर करता और फिर सात दिन में 2000 रुपये वसूलता था। रकम न चुकाने पर मोबाइल से ली गई पर्सनल डिटेल और फोटो को एडिट कर ब्लैकमेल करता था।
राशि ‘म्यूल अकाउंट्स’ में ट्रांसफर कर कैश निकालकर CDM मशीन के जरिए साइबर एजेंटों को भेजी जाती थी। इसके बदले आरोपी को क्रिप्टोकरेंसी USDT में कमीशन मिलता था,जिसे Binance प्लेटफॉर्म के जरिए विदेश भेजा जाता था।
अब तक 8 करोड़ से ज्यादा की ठगी
सितंबर 2024 से अब तक गिरोह द्वारा 9.41 लाख USDT यानी करीब 8.15 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर धनराशि विदेश भेजी जा चुकी है। मुख्य आरोपी के मोबाइल से 200 से ज्यादा बैंक खातों और UPI आईडी की जानकारी मिली है। साथ ही पाकिस्तान के कोड (+92) वाले 30 से ज्यादा संदिग्ध नंबर भी बरामद हुए हैं।
बरामदगी और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मौके से पांच एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन और ₹6,250 नगद बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में दो बिहार व फतेहगढ़ के हैं,जबकि तीन आरोपी बलरामपुर जनपद के रहने वाले हैं।
टीम को मिली सफलता
कार्रवाई साइबर थाना, ललिया थाना और एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा की गई। टीम का नेतृत्व साइबर प्रभारी आरपी यादव और थानाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह कर रहे थे। पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय और क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार ने किया।
सावधानी ही बचाव
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी के कहने पर अज्ञात लोन ऐप न डाउनलोड करें, अपनी बैंक डिटेल और आधार किसी से साझा न करें और ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

