गुलाम जीलानी बेग
सादुल्लानगर,बलरामपुर।क्षेत्र के ग्राम मीरपुर में आठ मोहर्रम के मौके पर हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम के नाम का पारंपरिक जुलूस अकीदत और ग़मगीन माहौल में निकाला गया। जुलूस गांव के मुख्य मार्गों से गुज़रता हुआ दरगाह हज़रत अब्बास (अ.स.) पर जाकर संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही,जिन्होंने ग़म और वफ़ा का इज़हार करते हुए हिस्सा लिया।
जुलूस के दौरान “या हुसैन” की सदाओं के बीच नौहेख़्वानों ने हज़रत अब्बास (अ.स.) की बहादुरी और शहादत को याद किया। मातमी दस्तों द्वारा नौहा ख्वानी और सीना ज़नी से माहौल पूरी तरह ग़मगीन हो गया। अकीदतमंदों ने रास्ते भर सब्र, वफ़ा और कुर्बानी का पैग़ाम देते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की याद ताज़ा की।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान आरज़ू काज़मी की निगरानी में जुलूस के सुचारु आयोजन हेतु सफ़ाई,रौशनी,पेयजल एवं सुरक्षा जैसे सभी आवश्यक इंतज़ाम किए गए थे।वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही,जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से सम्पन्न हो सका।
जुलूस के समापन पर अकीदतमंदों ने दरगाह हज़रत अब्बास (अ.स.) पर ज़ियारत कर फातेहा पढ़ी और दुआएं मांगी। ग्राम प्रधान आरज़ू काज़मी ने कहा कि,
“हज़रत अब्बास (अ.स.) की शहादत इंसानियत,बहादुरी और वफ़ादारी की वो मिसाल है,जो हर दौर के लिए एक मार्गदर्शक है। उनकी याद हमें इंसाफ़,सब्र और भाईचारे का पैग़ाम देती है।”
इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य लोग,युवा,बच्चे और बुज़ुर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

