शहर से लेकर गांव कस्बों के बाजार हुए गुलजार
गुझियों की वैरायटी ने ग्रहकों को किया आकर्षित
इक़बाल शाह
गोण्डा।रंगों व गुझियों के त्यौहार को चंद रोज बचे है। ऐसे में बाजारों में अब होली का रंग चढ़ने लगा है। यहीं नहीं रंगों का पर्व हो और बच्चों से लेकर बूढ़ों तक ललचाती गुझियां न हो तो बात बनती नहीं। इन सभी को देखते हुए शहर से लेकर गांव कस्बों के बाजारों में होली के रंग के साथ गुझियों की मिठास चढ़ने लगी है।
रंगों का पर्व होली शुक्रवार को मनाई जाएगी। जिसकों देखते हुए शहर से लेकर गांव कस्बों के बाजारों में ग्रहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।कचरी पापड़ चिप्स के साथ बाजारों में ग्रहकों की नजर कई वैरायटी में आई गुझियों पर ज्यादा दौड़ रही है। यूं तो पूरा बाजार रंगों व नमकीन से पटा पड़ा है। लेकिन नई साज सज्जा में आई गुझियां ग्रहकों को खासा आकर्षित कर रही। खरीदारी के लिए इन पर भीड़ देखने को मिल रही है।

शहर के रानीबाजार स्थित नामचीन मिठाई व्यवसाई शंकर स्वीट एंव रेस्टोरेंट के मालिक राम तलरेजा ने बताया कि वैसे तो होली रंगों का त्यौहार है। लेकिन रंग का खुमार उतरते ही लोगों की पहली पसंद गुझियां ही होती है। ऐसे में उन्होंने गुझियों में कई किस्म की गुझियां इस बार बनाई है। जैसे अंजीर,काजू जोकि 14 सौ रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। वहीं पिश्ता व स्ट्राबेरी फ्लावर में 700 रुपए प्रति किलों है। इसी तरह शहर के अन्नपूर्णा स्वीट व मिठाई महल के मालिक मोहन कृपलानी व धनलाल गुप्ता ने बताया कि इस बार गुझियों का क्रेज ज्यादा है और गुझियों को लेकर उन्हें आर्डर भी काफी मिल रहे है।

इसी तरह शहर के चौक बाजार व रानी बाजार में रंगों को लेकर भी ग्रहक काफी उमड़ रहा है। जहां बाजार में आए रंगों को रंगने के लिए पिचकारी भी पीछे नहीं है। सिलेंडर वाले पिचकारी 1450 से 1800 सौ रुपए तक के दामों में बिक रहे है। वहीं बात करें अबीर गुलाल की तो वो भी 120 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बिक रही है।

