मुश्ताक अहमद
गोंडा।इस्लाम अनुयायियों के पवित्र माह रमजान के चलते ड्राई फ्रूट की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। खासकर खजूर की विक्री में भारी वृद्धि देखी जा रही है। देवीपाटन मंडल में खजूर की खपत प्रतिदिन लगभग 5 टन तक पहुंच गई है। रोजेदारों के लिए खजूर अहम है, वहीं होली के अनेकों व्यंजनों में भी इसका उपयोग किया जाता है।
खजूर की विक्री बढ़ने की एक बड़ी वजह छुहारा की विक्री में आई गिरावट है। गोंडा में खजूर मुख्य रूप से खाड़ी देशों से आयात होती है। ड्राई फ्रूट के थोक व्यापारी जमाल के मुताबिक दुबई, ईरान के अलावा केन्या की खजूर की भी मांग बनी हुई है। खजूर की कीमत थोक बाजार में 40 रुपए प्रति किलो से लेकर 2000 रुपए प्रति किलो तक है। जमाल बताते हैं कि कुछ खास प्रकार की खजूर डिब्बे में एक पीस के पैक में भी उपलब्ध होती है,जिन्की कीमत क्वालिटी के अनुसार अधिक होती है। हालांकि,केन्या से आने वाली खजूर की मांग कम रहती है। कारण इसे गीला करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
रोजा अफ्तारी में बढ़ी मांग
किराना व्यापारी मन्नान कहते हैं कि त्योहारी सीजन के बावजूद ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। सामान्य दिनों की तरह कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव है।काजू 650 से 900 रुपए,नारियल गोला 190 रुपए,छुहारा 140 से 340 रुपए,किशमिश 240 रुपए,अखरोट 1150 रुपए,पिस्ता 925 रुपए,अंजीर 950 रुपए,पिस्ता 900 से 1400 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है।

