मुश्ताक अहमद
गोंडा।चंद रोज बाद गेंहू की कटाई होने वाली है। कंबाइन से कटाई के बाद खेतों में ही फसल अवशेष जलाने की आम प्रथा है। अगर आप ऐसा करने जा रहे हैं तो रुकिए और सोचिए। आप खेत के साथ अपनी किस्मत खाक करने जा रहे हैं। यह खुद के पांव में कुल्हाड़ी मारने जैसा है। डंठल के साथ फसल के लिए सर्वाधिक जरुरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (एनपीके) के साथ भूमि के मित्र बैक्टीरिया और फफूंद भी जल जाते हैं। भूसे के रुप में पशुओं का हक तो मारा ही जाता है। आंकलन के अनुसार प्रदेश में गेहूं व धान का 700 टन से अधिक डंठल कंबाइन से कटाई के बाद खेतों में जलाया जाता है। सर्वाधिक रकबा होने के कारण गेहूं के डंठल सर्वाधिक फूंके जाते हैं।

पोषक तत्वों का खजाना
शोध से साबित हुआ है कि बचे डंठलों में एनपीके की मात्रा क्रमशः 0’5,0’6 और 1’5 फीसद होती है। जलाने के बजाय अगर खेत में ही इनकी कंपोस्टिंग कर दी जाय तो मिट्टी को एनपीके की क्रमशः चार, दो और 10 लाख टन मात्रा मिल जायेगी। भूमि के कार्बनिक तत्वों, बैक्टीरिया, फफूंद का बचना पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग में कमी बोनस होगा। अगली फसल में करीब 25 फीसद उर्वरकों की बचत से खेती की लागत में इतनी ही कमी आएगी और लाभ इतना ही बढ़ जायेगा।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के एक अध्ययन के अनुसार प्रति एकड़ डंठल जलाने पर पोषक तत्वों के अलावा 400 किग्रा उपयोगी कार्बन प्रतिग्राम मिट्टी में मौजूद 10-40 करोड़ बैक्टीरिया और 1-2 लाख फफूंद जल जाते हैं। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के पूर्व जोनल प्रवंधक डा०बीके सिंह के मुताबिक प्रति एकड़ डंठल से करीब 18 क्विंटल भूसा बनता है। सीजन में भूसे का प्रति क्विंटल दाम करीब 400 रुपए माना जाए तो डंठल के रूप में 7200 रुपए का भूसा नष्ट हो जाता है। बाद में यही चारा संकट का कारण बनता है।
अन्य लाभ
फसल अवशेष से ढकी मिट्टी का तापमान सम होने से इसमें सूक्ष्म जीवों की सक्रियता बढ़ जाती है, जो अगली फसल के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व मुहैया कराते हैं। अवशेष से ढकी मिट्टी की नमी संरक्षित रहने से भूमि के जल धारण की क्षमता भी बढ़ जाती है। इससे सिंचाई से कम पानी लगने से इसकी लागत घटती है। साथ ही दुर्लभ जल भी बचता है।
क्या करें
डंठल जलाने के बजाय उसे गहरी जोताई कर खेत में पलट कर सिंचाई कर दें। शीघ्र सड़न के लिए सिंचाई के पहले प्रति एकड़ पाट किग्रा यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। इसके लिए कल्चर भी उपलब्ध है।

