मुश्ताक अहमद
गोंडा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पंडरी कृपाल की अधीक्षिका के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मियों का विरोध अब उग्र होता जा रहा है। अधीक्षिका पर तानाशाही और कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने बीते चार दिनों से अनशन जारी रखा है। इस अनशन को अब अन्य स्वास्थ्य संगठनों का भी समर्थन मिल चुका है, जिससे आंदोलन और तेज होता दिख रहा है।
मंगलवार को अनशन स्थल पर एकजुट हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने अधीक्षिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि अधीक्षिका का रवैया निरंकुश है और उनका व्यवहार उचित नहीं है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा से मुलाकात कर स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को उठाया और जल्द समाधान की मांग की।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ गोंडा के जिला संयोजक एवं भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष रामानंद त्रिपाठी, महामंत्री अरुणभान त्रिपाठी सहित कई कर्मचारी नेताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अधीक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य कर्मियों ने अब आंदोलन को और व्यापक बनाने का फैसला किया है। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष अंजनी शुक्ला ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे से सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। इस संबंध में सीएमओ कार्यालय को पत्र सौंपकर सूचना भी दी गई है। इस अनशन को बेसिक हेल्थ वर्कर्स यूनियन, स्टाफ नर्स संघ, संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का भी समर्थन मिल चुका है। इससे आंदोलन और अधिक प्रभावी हो सकता है। स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक अधीक्षिका का तबादला नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है।
शनिवार को जब स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएचसी पर धरना शुरू किया, तो एडिशनल डायरेक्टर (एडी) हेल्थ और सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने मौके पर पहुंचकर वार्ता की थी और मंगलवार तक जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन मंगलवार तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से कर्मियों में असंतोष बढ़ गया है।
मंगलवार के अनशन में एएनएम सुषमा, एकता वर्मा, मानकी वर्मा, हेमलता वर्मा, रुचि शुक्ला, श्वेता श्रीवास्तव, लालपति, पूजा यादव, रेनू सिंह, विनीता, किरण वर्मा, आरती, प्रीति, लक्ष्मी समेत कई महिला स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहीं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक अधीक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। बुधवार से सीएमओ कार्यालय पर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन होगा, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है।

