मुश्ताक अहमद
गोंडा।शनिवार को आसमान पर रमजान का चांद जैसे ही नमूदार हुआ,रात से ही नमाज तरावीह शुरु हो गई।रविवार को पहला रोजा लोगों ने रखा। वहीं ऑनलाइन चांद देखने के साथ ही इंटरनेट और न्यूज चैनलों के जरिए चांद दिखने और रमजान शुरू होने को लेकर जानकारी करते नजर आए। इलाकाई उलेमा पहली बार ऑनलाइन आए। चांद दिखने के साथ मुबारकबाद दी और तकरीर की और ऑनलाइन कुरान भी सुनाना शुरू कर दिया।
चांद दिखने के साथ ही इसकी घोषणा और मुकद्दस रमजान की मुबारकबाद के लिए उलेमा और तमाम लोग ऑनलाइन आए। हबीबनगर धनेश्वरपुर के मौलाना हामिद रजा, मौलाना जाहिद अली नूरी, मौलाना फैजान रजा समेत क्षेत्र के कई आलिम व इलाकाई लोग ऑनलाइन हो गए। हालांकि चांद दिखने की जानकारी के लिए खूब फोन घनघनाएं, लेकिन युवाओं ने विभिन्न वेबसाइटों के जरिए चांद दिखने और मुकद्दस रमजान को लेकर जानकारी की।
चांद दिखने के बाद मौलाना अफजल हुसैन ऑनलाइन आकर लोगों को चांद दिखने के साथ रमजान का पाक महीना शुरू होने की मुबारकबाद दी। शाही जामा मस्जिद वजीरगंज के इमाम मौलाना अब्दुल वहीद ने दुआ की और मुकद्दस रमजान की मुबारकबाद दी।
युवाओं ने सोशल मीडिया में शेयर की जानकारी
युवाओं ने फेसबुक, टवीटर के जरिए भी चांद दिखने और मुकद्दस रमजान की शुरूआत की जानकारी दी। मुकद्दस रमजान को लेकर मुबारकबाद के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप पर डीपी भी लगा रखी है।
रोजाना ऑनलाइन सुनाएंगे कुरान
मौलाना अफजल हुसैन ने बताया कि वह रोजाना शाम को ऑनलाइन आकर तकरीर करेंगे। रमजान की फजीलत बताएंगे। इसी तरह मौलाना हामिद रजा ऑनलाइन तकरीर करेंगे। कारी शमशुद्दीन ऑनलाइन कुरान-ए-पाक सुनाएंगे। हाफिज महताब भी रोजाना तकरीर की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया में शेयर करेंगे।
इस बार यह हुआ
– लोगों ने चांद को ऑनलाइन देखने की कोशिश की
– कहां-कहां चांद दिखा, वेबसाइट के जरिए जाना
– क्षेत्र के कई उलेमा ने ऑनलाइन तकरीर की
– उलेमा ने घरों से ही चांद देखा और ऐलान किया
– इबादत के लिए अजान के एप डाउन लोड किए
पहले यह होता था
– चांद देखने के लिए लोग जुटते थे और ऐलान होता था
– प्रत्येक शहर व गांव में चांद कमेटी की बैठक होती थी
– चांद नहीं दिखने पर दूसरे शहरों से संपर्क कर कमेटी निर्णय लेती थी
– चांद दिखते ही मस्जिदों से ऐलान व आतिशबाजी करके जानकारी दी जाती थी
– एप का कम लोग इस्तेमाल करते थे
– चांद रात में खरीदारी को बाजार गुलजार हो जाते थे।

