इक़बाल शाह
गोण्डा।अगर आप अपने राशनकार्ड में यूनिट बढ़वाने जा रहे है। तो पहले चेक कर ले। कहीं आपके राशनकार्ड में 15 साल से कम उम्र का बच्चा तो नहीं जुड़ा है। यदि है तो वह अपात्र माना जाएगा। क्योंकि नए राशनकार्ड बदलाव में अब 2011 के बाद जन्मे बच्चों का पात्र गृहस्थी या अंत्योदय के राशनकार्ड में नाम नहीं जुड़ेगा।
पूर्ति विभाग के एक नियम के चलते अब लोगों के सामने एक अड़चन पैदा हो गई है। भूल से भी यदि राशनकार्ड में नाम जुड़वाने पहुंच गए तो पहले से दर्ज 15 साल से कम उम्र के बच्चे का नाम अपात्र मानते हुए कट भी सकता है। बल्कि कई तो यूनिट बढ़वाने के चक्कर में यूनिट घटाकर लौट रहे है। क्योंकि विभाग के नियमों के तहत 2011 में हुई जनगणना के अनुसार राशनकार्डों को बनाया जाना है। मौजूदा समय में लक्ष्य के सापेक्ष लगभग छ लाख राशनकार्ड बनाए जा चुके है। जिनमें 64 हजार अंत्योदय कार्ड धारक है। शर्तो के अनुसार जिनका जन्म 2011 के बाद या जिनके पास चार पहिया वाहन है या दो लाख रुपए से अधिक आय वाले या फिर जिनके पास 8 एकड़ से अधिक भूमि है। ऐसे लोग अपात्र माने जाएंगे। ऐसे लोगों की किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर विभाग अपने स्तर से छानबीन व सत्यापन कराएगा। इस सम्बंध में जिलापूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने बताया कि दरअसल 2011 की जनगणना बाद जिले में राशनकार्डो का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। ऐसे में अब उन बच्चों का नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। जिनका जन्म 2011 के बाद हुआ है।

