मुश्ताक अहमद
गोण्डा।सत्ताधारी दल भाजपा में अध्यक्ष पद को लेकर अभी से एक दर्जन से अधिक योद्धा मैदान में उतरने को आतुर हैं। मौजूदा महामंत्री हों या फिर उपाध्यक्ष पार्टी की जिले में कमान संभालने को लेकर आतुर दिख रहे हैं। कई मोर्चों के अध्यक्ष भी अध्यक्ष पद को लेकर अपने पक्ष में दावे व तर्क पेश कर रहे हैं। दो पूर्व अध्यक्ष भी अध्यक्ष बनने के लिए लाइन में लगे हुए हैं। सभी दावेदार स्थानीय माननीयों से लेकर देश व प्रदेश की राजधानी लखनऊ व दिल्ली तक गणेश परिक्रमा करने में जुटे हुए हैं।
भाजपा में जिले में चुनाव प्रक्रिया गतिमान है। बूथ अध्यक्ष के बाद मंडल अध्यक्ष के चुनाव की कवायद जोरशोर से चल रही है। 12 दिसंबर को जिले के 33 मंडलों में मंडल अध्यक्ष का चुनाव होना है। यही मंडल अध्यक्ष व जिले के 33 मंडलों में चुने जाने वाले जिला प्रतिनिधि अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसलिए सभी दावेदार अपने खासमखास को मंडल अध्यक्ष के पद पर पदासीन कराने के लिए जुगत भिड़ाने में जुटे हुए हैं।
यह सब कर रहे अध्यक्ष पद पर दावेदारी
भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष तीसरी बार अध्यक्ष बनने की लाइन में हैं। वहीं वर्तमान दोनों महामंत्री भी दावेदारी पेश कर रहे हैं। उपाध्यक्ष पद पर आसीन आधा दर्जन पदाधिकारी भी अबकी बार अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमा लेना चाह रहे हैं। इसके अलावा मोर्चो के अध्यक्ष भी कुर्सी कब्जाने के गुणाभाग में अभी से जुटे हुए हैं। यही नहीं पहले जिले की कमान जिनके हाथों में रह चुकी है, ऐसे दो पूर्व अध्यक्ष भी अध्यक्ष बनने के लिए अपने आकाओं के दरबार में हाजिरी लगाने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं पूर्व में सभासद व नगर कार्यकारिणी में कई बार से एक ही पद पर आसीन एक पदाधिकारी भी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरने को लेकर आतुर दिख रहे हैं।
पार्टी की गाइडलाइन से कईयों की मंशा पर लग सकता है ग्रहण
वहीं पार्टी की अध्यक्ष पद के लिए नई गाइडलाइन कईयों की मंशा पर ग्रहण लगा सकती है। बताया जाता है कि प्रदेश नेतृत्व ने अध्यक्ष पद के लिए कम से कम दो बार का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य कर दिया है। लोग बताते हैं कि सक्रिय सदस्य होने के वर्षों में बढोत्तरी भी की जा सकती है। इस गाइडलाइन के कारण एक उपाध्यक्ष व महामंत्री व मोर्चे के एक अध्यक्ष की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। वहीं 45 साल से अधिक उम्र की शर्त पर भी कई दावेदार अध्यक्ष बनने की लाइन से बाहर जा सकते हैं।
माननीयों से समन्वय बनाने में जुटे दावेदार
अध्यक्ष बनने के लिए जिले के माननीयों से अच्छा समन्वय होना भी जरूरी है। ऐसे में अध्यक्ष पद के दावेदार जिले के विधायकों व सांसदों से समन्वय स्थापित करने के लिए उनके दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। कई दावेदार ऐसे भी हैं जिनकी माननीयों से खींचतान जगजाहिर है। अब ऐसे लोग भी बीच का रास्ता अपनाकर माननीयों से विरोध कम करने की जुगत में भिड़े हुए हैं। वैसे सात विधायकों व दो सांसदों से समन्वय बनाने में दावेदारी के माथे पर पसीने आ रहे हैं।
मंडल अध्यक्ष का चुनाव 12 दिसंबर को है। इसके बाद 16 दिसंबर से अध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।नए वर्ष में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाने की पूरी उम्मीद है।कई पदाधिकारी दावेदारी कर रहे हैं,पार्टी में स्थापित लोकतंत्र के कारण सभी को दावेदारी करने का अधिकार है।
अमर किशोर कश्यप,भाजपा जिलाध्यक्ष

