सादुल्लानगर,बलरामपुर।भगवान का मुख अग्नि रूप है विश्व के पालन हार भगवान विष्णु व संपूर्ण चराचर को जीवंत करने वाले 33 कोटि देवी व देवताओं को प्रसन्न करने के लिए यज्ञशाला में स्थापित हवन कुंड में अरणि मंथन द्वारा अग्नि प्रकट किया गया। यज्ञाचार्य व वैदिक मंडल द्वारा आहुतियां प्रदान की गई।
विकास खंड रेहरा बाजार के ग्राम छितलूपुर सराय खास आदि शक्ति दुर्गा माता मंदिर में आयोजित नव दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में अनंत बलवंत श्री हनुमंत लाल महाराज के तत्वावधान में चल रहे मानस वेदांत संत सम्मेलन के पांचवें दिन आयोजित अरणि मंथन के द्वारा अग्नि व हवन का कार्यक्रम पूर्ण किया गया। यज्ञाचार्य राममूरत त्रिपाठी व यज्ञाध्यक्ष रामू व्यास ने वेद की रिचाओं व मंत्रों के माध्यम से देवताओं का आह्वान करते हुए कहा कि यज्ञ से जगत का कल्याण होता है। सभी चराचर जीव जीवांत होते हैं। यज्ञ सनातन धर्म की वैदिक परंपरा है। यज्ञ से संपूर्ण पर्यावरण शुद्ध होता है। जिसका मुख्य उद्देश्य सर्वे भवंति सुखिन: सर्वे संतु निरामया: की जगत कल्याणकारी भावना परिलच्छित होती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ में चल रहे मानस वेदांत संत सम्मेलन में दूर-दूर से आए साधु-संतों ने देश की एकता व अखंडता के लिए सनातन धर्म की विचारधारा पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर धर्मेन्द्र उपाध्याय,राम सागर वर्मा एडवोकेट, राजू उपाध्या,दिलीप कुमार वर्मा एडवोकेट,अरुण कुमार वर्मा,सतीश कुमार सिंह,ब्रह्म देव वर्मा,डॉ० संदीप कुमार वर्मा,चरण सिंह मौर्य,राम कृपाल वर्मा,मनोज कुमार यादव,दिनेश कुमार वर्मा,राम गोपाल यादव,सुरेंद्र सिंह, दिनेश कुमार यादव, डॉ०उपेन्द्र सिंह,केसरी शर्मा,चन्द्र प्रकाश मौर्य,बोरिंग शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

